कांग्रेस के एक दिग्गज नेता ने बहुत बड़ा ऐलान किया है, इससे उनके चाहने वाले काफी निराश होंगे। पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि साल 2017 का चुनाव उनका आखिरी चुनाव होगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विदेशों में रहने वाले पंजाबियों से बातचीत करते हुए ये खुलासा किया।
उन्होंने कहा कि अंतिम चुनाव से पहले उनका सपना है कि हर पंजाबी के चेहरे पर मुस्कान और चमक देखना चाहता हूं। जो अकाली दल के पिछले दस साल के कुशासन से तंग आ चुके हैं। अमेरिका के शिकागो में समारोह को संबोधित करते हुए कैप्टन ने कहा कि पंजाब में इस समय तजुर्बे की नहीं, बल्कि परिवर्तन की जरूरत है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने एनआरआई पंजाबियों को बदलाव के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए चुनाव में शामिल होने को कहा। उन्होंने कहा कि उनकी जड़ें भारत से जुड़ी हैं और यह उनकी जिम्मेदारी बनती है।
कैप्टन ने शिकागो के पंजाबियों से कहा कि उन्होंने वतन के लिए जो कुछ किया है, उस पर देश को नाज है। अब खुशहाल पंजाब बनाने के लिए उम्मीद है कि आप अपनी जिम्मेदारी जरूर निभाएंगे।
बताया कि 1984 में संसद से क्यों दिया इस्तीफा
कैप्टन अमरिंदर सिंह
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समारोह के बाद एक सवाल के जवाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि 1984 सिख इतिहास का काला समय था, जिसे कोई भुला नहीं सकता। 1984 की घटना के कारण ही उन्होंने संसद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि अकालियों को यह मुद्दा सिर्फ चुनाव के समय ही याद आता है। बाद में वह इसे भूल जाते हैं।
इस दौरान कैप्टन ने चार समस्याओं का जिक्र किया, जिसका आज पंजाब सामना कर रहा है। इसमें भ्रष्टाचार, नशे, बेरोजगारी और कानून पर विश्वास शामिल है। इसे दूर करने के लिए उन्होंने कसम खाई है और खासकर नशे का खात्मा हर हाल में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का खात्मा ऊपर से होना चाहिए, नीचे के लोग तो खुद सुधर जाएंगे। 2002 से 2007 में उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल और पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन के तत्कालीन चेयरमैन रवि सिद्धू के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसमें रवि सिद्ध को दोषी मानते हुए अदालत ने जेल भेज दिया था।