विधानसभा चुनाव जीतने के लिए लोक लुभावने वादों के बीच कांग्रेस ने एक और बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर लोगों को एनआरआई पंजाबी डॉक्टर्स मिलेंगे। वे इन डॉक्टर्स को नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने के लिए पंजाब के प्रमुख शहरों में मौजूद सरकारी अस्पताल में स्थान देने का ऑफर दिया है।
मंगलवार को सेंट्रल कैलिफोर्निया से पहुंचे पंजाबी भाईचारे को संबोधित करते हुए कैप्टन ने एनआरआई डॉक्टरों को लाखों नशा प्रभावित पंजाबी युवाओं के पुनर्वास के लिए साझीदारी में काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पटियाला, अमृतसर, लुधियाना और जालंधर के सरकारी अस्पतालों में ढांचागत सुविधाएं मुहैया करवाएगी, ताकि इमारतों व क्लीनिक बनाने में आपका समय खराब न हो।
पंजाब में सिर्फ 11 मनोचिकित्सक अस्पतालों पर अफसोस जताते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि नशा छुड़ाने की प्रक्रिया में काउंसलिंग एक प्रमुख हिस्सा है। ऐसे में मनोचिकित्सकों व थैरेपिस्टों की नशा पीड़ितों के इलाज में मुख्य भूमिका है। उन्होंने कहा कि वह लाल फीताशाही व लंबी औपचारिकताओं से डरते हैं।
कहा कि पंजाब में नशीले पदार्थों की बिक्री को रोकने के लिए उनके पास तीन तरह की नीतियां हैं। पहले, हम सिंथेटिक नशे के उत्पादकों व बांटने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे और उनकी कमर तोड़ने के लिए ईडी व इनकम टैक्स प्राधिकारी को भी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, जो सरकार बनने के पहले चार सप्ताहों में किया जाएगा। इसके अलावा नेशनल ड्रग पॉलिसी बनाने पर जोर देंगे। आखिर में वह केंद्र पर पाकिस्तान के साथ लगी सीमाओं पर एक साल से अधिक समय तक बीएसएफ जवानों का कार्यकाल न रखने का दबाव बनाएंगे।
लोकपाल कानून लाएगी कांग्रेस
चंडीगढ़। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऐलान किया कि विधानसभा के पहले सत्र में उनकी सरकार एक मजबूत लोकपाल का कानून लाएगी, जिसे किसी भी व्यक्ति को मुख्यमंत्री सहित अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत करने की आजादी होगी।
उन्होंने न्यायपालिका को भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट को पंजाब टर्मीनेशन ऑफ एग्रीमेंटस एक्ट पर फैसला देने से पहले खुद विचार करना चाहिए कि क्या पंजाब के पास दूसरों को देने के लिए पानी उपलब्ध है या नहीं। जबकि एसवाईएल के मुद्दे पर कांग्रेस के पक्ष पर उन्होंने कहा कि यह मामला पंजाब के साथ जुड़ा है और हम अपने स्तर पर लड़ेंगे। इस मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान से कोई उम्मीद करना गलत है, क्योंकि पार्टी के दूसरे राज्यों के भी हित हैं।