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कैप्टन ने केजरीवाल पर बढ़ाया दबाव, बोले- SYL पर साफ करें रुख

Mon, 14 Nov 2016 06:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह
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कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एसवाईएल मुद्दे पर चुप्पी साधे बैठे अरविंद केजरीवाल पर अपना स्टैंड स्पष्ट करने के लिए दबाव बढ़ा दिया है। इस मामले में आम आदमी पार्टी की दलीलों को भी उन्होंने खारिज किया है। आप ने कहा था कि पार्टी का स्टैंड इस मामले में स्पष्ट है, इसलिए केजरीवाल को बोलने की जरूरत नहीं है।
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इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए कैप्टन ने कहा कि रोजाना नोट बंद होने पर बयान देने वाले इस मामले में क्यों नहीं बोल सकते। क्या नोट बंद करने के मुद्दे पर आप का स्टैंड स्पष्ट नहीं है। जिस कारण केजरीवाल के लिए रोजाना उस पर बयान देना जरूरी हो गया है।

कैप्टन ने कहा कि वास्तव में एसवाईएल पर चुप्पी साध कर केजरीवाल ने अपनी ही पार्टी को मंझधार में छोड़ दिया है। ऐसे में आप नेताओं के पास राज्य के लोगों को देने के लिए कोई जवाब नहीं है। वे अपने राष्ट्रीय कनवीनर की ओर से साफ स्टैंड लेकर सामने न आने पर लोगों के सवालों से बचने के लिए बहाने ढूंढ रहे हैं।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देने से बच रहे

कांग्रेस विधायकों के धरने में पहुंचे कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : अमर उजाला
कैप्टन ने कहा कि केजरीवाल न सिर्फ एसवाईएल पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं बल्कि, उन्होंने पार्टी के दलित मेनिफेस्टो की रिलीज भी टाल दी है।

इससे साफ है कि केजरीवाल ने पंजाब की चुनावी लड़ाई का सामना किए बगैर ही मैदान से भागने का फैसला कर लिया है। पूरे राज्य को संकट में धकेलने वाले फैसले को आए 96 घंटे बीतने के बाद भी केजरीवाल की चुप्पी को कोई स्पष्ट नहीं कर सकता।

केजरीवाल ने एक बार फिर समस्या से भागने की अपनी आदत को साबित कर दिया है। जो इस गंभीर मुद्दे पर कोई स्टैंड नहीं पा रहे हैं। एसवाईएल के मामले में एक बार फिर केजरीवाल के दोहरे मापदंडों का भंडाफोड़ हो गया है।

साफ जाहिर है कि केजरीवाल को पंजाब के हितों की कोई चिंता नहीं है। उनका एकमात्र मकसद अपने निजी एजेंडे को आगे बढ़ाना है। गौरतलब है कि कैप्टन चौथी बार केजरीवाल से एसवाईएल पर अपना स्टैंड स्पष्ट करने को कह चुके हैं। लोग जानना चाहते हैं कि वह पंजाब के साथ हैं या हरियाणा व दिल्ली के साथ।
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