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कुर्सी के लिए कांग्रेस के 'कैप्टन' पर नया प्रयोग करेंगे प्रशांत किशोर

Sat, 07 May 2016 04:56 PM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रशांत किशोर - फोटो : फाइल फोटो
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कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर विधानसभा चुनाव जीतने के लिए कैप्टन अमरिंदर पर खास प्रयोग करने जा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह की छवि बदलने के लिए खास रणनीति बनाई है। कैप्टन को अब महाराजा वाली छवि से निकालकर आम लोगों के नेता के रूप में दिखाने पर जोर दिया जाएगा।
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प्रशांत को शुरुआती फीडबैक में ही पता चल गया था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की महाराजा वाली छवि नुकसानदेह हो सकती है। आम लोग यही जानते हैं कि कैप्टन अपना दिन सुबह देर से (करीब 11 बजे) शुरू कर शाम को जल्दी (करीब छह-सात बजे) खत्म करते हैं। दूसरी नकारात्मक बात यह थी कि आम लोगों या वर्करों केलिए उनसे मिलना लगभग आसान नहीं है।

आई-पैक ने कॉफी विद कैप्टन और पंजाब दा कैप्टन कैंपेन से इस इमेज को बदलने की कोशिश की। खास रणनीति केतहत कॉफी विद कैप्टन का समय शाम साढ़े छह बजे के बाद रखा गया, ताकि यह संदेश जा सके कि कैप्टन देर तक उपलब्ध रहते हैं। इसके साथ ही कैप्टन ने जिलेवार जो बैठकें कीं, वे भी सुबह जल्द शुरू होकर रात नौ बजे तक चलीं।
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इसके पीछे भी वजह यही थी कि वर्करों में यह मैसेज जाए कि कैप्टन सुबह जल्द और फिर रात तक उपलब्ध हैं। एक और रणनीति के तहत जिलेवार बैठकों से वापस जाते समय कैप्टन ढाबों पर रुकते, लोगों से बातचीत करते और तस्वीरें अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट कर देते। इससे कैप्टन के देर रात तक एक्टिव होने का मैसेज लोगों तक जाता है। आई-पैक के आगामी सभी कैंपेन में कैप्टन को महाराजा की इमेज से निकालने पर फोकस रहेगा।
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‘महाराजा नहीं सिर्फ कैप्टन कहें’

कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : file photo
प्रशांत किशोर ने कांग्रेस से लेकर कैप्टन अमरिंदर के स्टाफ तक , सभी को हिदायत दी है कि वे उन्हें सिर्फ कैप्टन ही बुलाएं। आमतौर पर उनके करीबी लोग महाराजा साहिब बुलाते हैं। कैप्टन खुद भी लोगों से गुजारिश कर रहे हैं कि उन्हें सिर्फ कैप्टन ही बुलाया जाए।

ब्रांड की तरह पेश करने की जुगत
आई-पैक ने फेसबुक पर पंजाब दा कैप्टन का पेज बनाया है। उसमें जो युवा मैसेज लिखते थे, वे पहले अमरिंदर या महाराजा साहब कहकर संबोधित करते थे, लेकिन आई-पैक ने बार-बार कैप्टन शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद अब युवा भी अमरिंदर सिंह को कैप्टन ही कहकर संबोधित करने लगे हैं। आई-पैक की योजना है कि कैप्टन को ब्रांड बनाने के बाद उसे अमरिंदर से जोड़ा जाए। फिर लोगों से पूछा जाए कि पंजाब का कैप्टन कौन हो सकता है।

वर्करों ने किए तीखे सवाल
आई-पैक की ओर से आयोजित जिलास्तरीय मीटिंग केदौरान वर्करों के रवैये में भी बदलाव आया है। पहले वर्कर एक महाराजा की कद्दावर छवि के चलते कैप्टन से सवाल पूछने में ही गुरेज करते थे। हालांकि पिछले दिनों हुई जिलास्तरीय मीटिंग में वर्करों ने काफी तीखे सवाल पूछे। एक मीटिंग में कैप्टन से पूछा गया कि क्या वह सुबह देरी से उठते हैं, तो एक अन्य मीटिंग में वर्कर ने उनके परिवार के स्विस बैंक खातों के बारे में सवाल किया। कैप्टन ने संजीदगी से सवालों के जवाब दिए।
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