बिहार में नीतिश कुमार की जीत के सूत्रधार रहे प्रशांत किशोर की नजर अब पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत पर है। लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चाय पर चर्चा के बाद उसी की तर्ज पर अब पंजाब में कॉफी विद कैप्टन चल रहा है।
राजनीतिक गलियारों में मैनेजमेंट ब्रांड बन चुके प्रशांत किशोर की प्लानिंग पर पंजाब में नए आईडिया के साथ कांग्रेस वोटरों के बीच जाकर उनको लुभाने के प्रयास में जुट गई है। प्रशांत किशोर की सौ से अधिक प्रोफैशनल्स की टीम पूरे पंजाब में बकायदा होमवर्क में जुट गई है।
शुक्रवार शाम को पंजाबी भवन में कॉफी विद कैप्टन कार्यक्रम प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह सैंकड़ों युवाओं के साथ सूबे की स्थिति, समस्याओं, युवाओं की उलझनों एवं सुझाव पर मंथन करेंगे। दो घंटे के कार्यक्रम में गैर कांग्रेसी युवा आम आदमी की शंकाओं, दिक्कतों को लेकर कैप्टन से सीधे बातचीत कर सकते हैं।
8 को लुधियाना, 15 को पटियाला में
कैप्टन अमरिंदर सिंह
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काबिलेजिक्र है कि कॉफी विद कैप्टन कार्यक्रम का आयोजन अमृतसर एवं चंडीगढ़ में किया जा चुका है और आठ अप्रैल को लुधियाना के बाद 15 अप्रैल को पटियाला में भी कॉफी पर चर्चा होगी।
कॉफी विद कैप्टन को युवाओं का कार्यक्रम बनाने के लिए प्रशांत के माहिरों की टीम ने लुधियाना, जालंधर, फगवाड़ा के 40 कालेजों के 2400 से अधिक युवाओं को आमंत्रित किया है। हर युवा अपने सवाल की पर्ची डालेगा। कैप्टन खुद पर्ची निकाल कर उस पर लिखे सवाल का जवाब देंगे।
कांग्रेस की कंपेनिंग के दौरान पहले चरण में युवाओं पर फोकस किया जा रहा है। सूबे में प्रशांत किशोर के माहिरों की सलाह पर कालेज एवं सिटी कैप्टन बनाए जा रहे हैं। अमृतसर में 180 कालेज एवं 20 सिटी कैप्टन बनाए गए हैं।
चंडीगढ़ में 280 कालेज एवं 30 सिटी कैप्टन बनाए गए हैं, जबकि लुधियाना में यह प्रोसेस किया जा रहा है। इसका मक सद प्रदेश की समस्याओं को युवाओं के माध्यम से एक प्लेटफार्म पर लाना और उनको राजनीति से जोडना है। सभी कालेज एवं सिटी कैप्टन चुनावों तक अपने अपने क्षेत्र में कांग्रेस की कंपेनिंग का हिस्सा रहेंगे।