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सोनिया से मिले 'नाराज' कैप्टन, बोले 'पार्टी नहीं छोड़ूंगा'

Fri, 09 Jan 2015 03:29 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब में अकाली-भाजपा नेताओं में तलखी के बीच कांग्रेसी दिग्गजों में भी मतभेद खुलकर बाहर आने लगे हैं। ताजा मामले के तहत पंजाब के कद्दावर सांसद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दिल्ली में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की।
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मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में कैप्टन ने पंजाब कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने ट्वीट करते हुए बाजवा का नाम लिए बिना कहा कि 'में चाहता हूं कि पंजाब कांग्रेस में बदलाव हो। पार्टी की बागडोर ऐसे हाथ में हो जो पंजाब में पार्टी को जीत दिलाने में समर्थ हो।' हालांकि खुद पार्टी से नाराज होने की बातों को उन्होंने खारिज किया।

उन्होंने कहा कि, 'मैं सांसद हूं, लोकसभा में उपनेता हूं, मैं क्यों पार्टी छोड़ने लगा? मैं पार्टी समर्थक हूं। मैंने सोनिया जी से मुलाकात की और बताया कि मेरी मां की तबीयत बहुत खराब है। उन्होंने मुझे मां के पास रहने को कहा है।'
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2017 का विधानसभा चुनाव नहीं जीतेंगे

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि प्रताप बाजवा की अगुवाई में 2017 का विधानसभा चुनाव नहीं जीता जा सकता। कैप्टन ने दिल्ली में पार्टी प्रधान सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद यह बयान दिया।

इससे पंजाब कांग्रेस की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। कैप्टन ने अपने खास विधायकों के लिए रविवार को पटियाला में लंच रखा है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

कैप्टन ने कहा कि वह सिर्फ सोनिया की सेहत का हाल-चाल पूछने आए थे। बाजवा के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह पहले से कहते आ रहे हैं कि बाजवा की अगुवाई में विधानसभा चुनाव नहीं जीते जा सकते। क्योंकि वह पार्टी को साथ लेकर चलने में असमर्थ रहे हैं। उनके खिलाफ विद्रोह बढ़ता जा रहा है, उसे नजरंदाज नहीं किया जा सकता है।
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करीब बीस मिनट चली सोनिया गांधी से मीटिंग

कैप्टन वीरवार को ही दुबई से लौटे हैं। कैप्टन के करीबी सूत्रों के मुताबिक सोनिया गांधी के साथ उनकी मीटिंग करीब बीस मिनट चली। मीटिंग के बाद वह आत्मविश्वास से भरे हुए नजर आए। उन्होंने सोनिया से कहा कि बाजवा के खिलाफ बगावत बढ़ती जा रही है। अगर प्रदेश नेतृत्व में तुरंत बदलाव न किया गया तो अगले विधानसभा चुनाव पार्टी नहीं जीत सकेगी। इस दौरान सोनिया से जगमीत बराड़ को लेकर भी चर्चा की। कैप्टन ने कहा कि जल्द बदलाव न किया गया तो और लोग छोड़ कर जा सकते हैं।

कैप्टन के करीबियों का दावा है कि हाईकमान का रुख काफी सकारात्मक रहा। गौरतलब है कि दुबई जाने से पहले वह पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिल कर उन्हें भी पंजाब के हालात बता चुके हैं। अब रविवार को कैप्टन गुट लंच डिप्लोमेसी करेगा। कैप्टन ने पटियाला में अपने समर्थक विधायकों के लिए रविवार को लंच रखा है।

औपचारिक तौर पर यह विदेश से लौटने के बाद मुलाकात के लिए है, लेकिन लंच पर कैप्टन गुट आगे की रणनीति तय करेगा। लंच में तीस से ज्यादा विधायक और बाजवा विरोधी कुछ पदाधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है।
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