पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर प्रवासी मजदूरों को भेजने के लिए ट्रेनें चलाने की अपील की है। उन्होंने 5 मई से 10-15 दिन के लिए विशेष ट्रेनों का प्रबंध करने की मांग की है। राज्य सरकार द्वारा विशेष तौर पर तैयार किए गए पोर्टल www.covidhelp.punjab.gov.in पर रजिस्टर्ड हो चुके 6.44 लाख से अधिक प्रवासी कामगारों द्वारा घर वापस जाने की इच्छा जाहिर करने के बाद मुख्यमंत्री ने अपील की है।
पत्र में सीएम ने कहा कि रजिस्टर्ड हो चुके लोगों की वापसी के लिए परिवहन के लिए अगले 10-15 दिन रेल मंत्रालय को जरूरत के मुताबिक रोजाना सूचित करेगी। कैप्टन ने बताया कि प्रवासी कामगारों की यातायात की योजना बनाने के लिए पंजाब के अधिकारी संबंधित राज्यों और रेलवे के अधिकारियों के साथ तालमेल कायम कर रहे हैं। पंजाब में उद्योग और कृषि क्षेत्र में अस्थाई रोजगार हासिल करने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य पूर्वी राज्यों से बड़ी संख्या में कामगार आते हैं।
उन्होंने कहा कि यह लोग जो आमतौर पर होली के बाद मार्च में चले जाते हैं, इस साल लॉकडाउन लागू होने के कारण वापस नहीं जा सके। कैप्टन ने कहा कि वैसे तो राज्य सरकार द्वारा छह सप्ताहों से इन कामगारों को भोजन और आश्रय प्रदान करवाने के सभी प्रबंध किए गए हैं, लेकिन अब वह स्वाभाविक रूप से अपने घर जाना चाहते हैं। उन्होंने इन विशेष जरूरतों के मद्देनजर गृह मंत्री को दख़ल देने की अपील की।
हर रोज 10 ट्रेन चलें तो भी लगेगा एक माह
राज्य भर से अपने घर वापसी के लिए साढ़े आठ लाख प्रवासी लोगों ने ऑनलाइन अपना नाम रजिस्टर किया है। इसमें साढ़े चार लाख सिर्फ लुधियाना से है। अब लुधियाना प्रशासन के लिए मुसीबत यह है कि इतनी संख्या में लोगों को उनके घर तक कैसे भेजा जाए। हालांकि रेल विभाग ने विशेष ट्रेन चलाने की कवायद शुरू की है, लेकिन लुधियाना से इतनी संख्या में लोगों को उनके प्रदेश पहुंचाने के लिए लगभग 400 से ज्यादा ट्रेन चलाने की जरूरत पड़ेगी।
हर रोज 10 ट्रेन चलें तो भी इस काम में एक माह लगेगा। लुधियाना रेलवे स्टेशन पर टेंट लगाने की व्यवस्था शुरू हो चुकी है लेकिन रेल विभाग से जुड़े सूत्रों की माने तो अभी तक कोई ट्रेन चलाने की परमिशन उनके पास नहीं आई है। रविवार को लुधियाना के ढंढारी कलां में प्रवासी मजदूरों के हंगामे को देखते जिला प्रशासन उन्हें जल्द घर भेजने के लिए काम कर रहा है। गौर हो कि लॉक डाउन के कारण विभिन्न प्रदेशों में फंसे लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने राहत देते रेलवे को श्रमिक ट्रेन चलाने के निर्देश दिए हैं।
पंजाब सरकार ने भी यहां पर फंसे मजदूरों को अपने घर जाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू की थी। रजिस्ट्रेशन का यह सिलसिला अभी जारी है। सोमवार बाद दोपहर तक 8.50 लाख प्रवासियों ने रजिस्ट्रेशन किया है। इसमें सबसे ज्यादा 4.50 लाख लोग लुधियाना से हैं। इसके बाद जालंधर से 91 हजार और मोहाली से 66 हजार लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। लुधियाना से 80 फीसदी रजिस्ट्रेशन करवाने वाले प्रवासी यूपी, बिहार और झारखंड जाने वाले हैं। राज्य सरकार अब इन्हें उनके प्रदेश भेजने से पहले वहां से अधिकारियों से बात कर रहे है। जब वहां से हरी झंडी मिलेगी, तभी आगे की कार्रवाई शुरू हो पाएगी।
प्रवासियों को रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने के लिए तैयारी शुरू
जिला प्रशासन की तरफ से इन प्रवासियों को रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने के लिए तैयारी करनी शुरू कर दी है। नगर निगम के लगभग 300 मुलाजिमों को इस काम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो थाना वाइज लिस्ट लेकर पहले रजिस्ट्रेशन करवाने वाले लोगों की पहचान शुरू करेंगे। इन्हें रेलवे स्टेशन तक लाने के लिए प्रशासन ने सिटी बसों को तैयार रखने के लिए कहा है, ताकि जैसे रेलवे से ट्रेन चलने की कोई सूचना आती है, तो वह इन्हें वहां पहुंचा सकें।
सेहत की जांच करना सबसे मुश्किल काम
फिलहाल लुधियाना से अन्य प्रदेशों को जाने वाले 4.50 लाख लोगों की सेहत की जांच करना सेहत विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित होने वाला है। प्रवासियों को ट्रेन में बैठाने से पहले इनकी जांच होना अनिवार्य है। सेहत विभाग की हालत तो यह है कि यहां पर कोरोना संदिग्धों की जांच करना भारी पड़ रही है, ऐसे में इतने लोगों की जांच कैसे होगी।