‘हल्के विच कैप्टन’ प्रोग्राम के तहत वीरवार को डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र में लोगों से चर्चा करने पंजाब कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह पहुंचे।
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इस मौके पर उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और सीपीएस एनके शर्मा पर जमकर बरसे। उन्होंने सीपीएस शर्मा को हलके का सबसे बड़ी समस्या बताया।
कैप्टन ने हलका विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर निर्धारित अवधि में हलका विधायक की सारी गड़बड़ियों की जांच करवाई जाएगी और हेरफेर पाए जाने पर शर्मा व संबंधित अधिकारी के खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी।
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान ने एलान किया है कि उनकी पार्टी की सरकार बनने के 100 दिनों के भीतर लोगों की समस्याएं सुलझाने को एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाई जाएगी। इस टास्क फोर्स को एक तय समय सीमा दी जाएगी, जिसे इस समय के दौरान लोगों की समस्याओं को सुलझाना होगा। यह टास्क फोर्स मुख्यमंत्री के सीधे नियंत्रण में काम करेगी।
हल्के विच कैप्टन कार्यक्रम के दौरान डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र में लोगों से चर्चा करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रधान ने कहा कि उनको सौंपी गई सभी शिकायतों को रिकॉर्ड करके दस्तावेज तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पेशल टास्क फोर्स प्रत्येक केस पर काम करेगी और शिकायत पर तसल्ली से काम करते हुए उसको कानूनी नतीजे पर पहुंचाएगी।
बाद में पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रधान ने कहा कि लोगों से बातचीत करने पर सामने आया कि इस हलके की सबसे बड़ी समस्या यहां के हलका विधायक एनके शर्मा हैं। उन्होंने यहां के सारे कारोबार पर कब्जा जमा रखा है। शर्मा गैर-कानूनी तौर अवैध माइनिंग, ट्रांसपोर्ट कारोबार पर कब्जा, शामलात जमीनों पर कब्जे कर रहे हैं।
स्पष्ट किया कि लोगों के साथ उनका चर्चा कार्यक्रम मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के संगत दर्शन कार्यक्रम से पूरी तरह अलग है। सीएम के पास सरकारी मशीनरी है, इसके बाद भी उनके संगत दर्शन कार्यक्रम पूरी तरह से फेल साबित हुए हैं। यदि मुख्यमंत्री के संगत दर्शन कार्यक्रम सफल होते, तो लोगों को उनकी बैठकों में अपनी शिकायतों व समस्याओं के साथ नहीं आना पड़ता।
कांग्रेसी वर्करों के खिलाफ दर्ज केस होंगे रद्द
कैप्टन से रूबरू हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह।
- फोटो : amar ujala
चर्चा के दौरान ज्यादातर शिकायतें व समस्याएं झूठे केस दर्ज करने, प्राथमिक सुविधाओं की कमी, अकालियों द्वारा कांग्रेसियों के साथ धक्केशाही व पेयजल और सड़कों जैसी प्राथमिक सुविधाओं की कमी से जुड़ी थीं। लोगों ने बेरोजगारी व नशाखोरी की समस्या संबंधी मुद्दे भी उठाए गए। कैप्टन ने दोहराया कि कांग्रेसी वर्करों के खिलाफ दर्ज सभी केस तुरंत रद्द किए जाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि उनके पद संभालने के तुरंत बाद ऐसा करने का फैसला लिया गया है। इस दौरान न सिर्फ झूठे केस रद्द किए जाएंगे, बल्कि इन केसों के जिम्मेदार लोगों चाहे वे अकाली हों या फिर मासूम लोगों को प्रताड़ित करने और उन पर अत्याचार करने वाले पुलिसवालों को भी नामजद किया जाएगा।
चार हफ्ते के भीतर करेंगे नशे की समस्या खत्म
प्रदेश कांग्रेसाध्यक्ष ने दोहराया कि वह चार हफ्ते के भीतर नशे की समस्या को खत्म करेंगे। चार सप्ताह के भीतर कैसे नशे की समस्या खत्म कर देंगे, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्होंने चार सप्ताह में इस समस्या को खत्म करने के लिए श्री गुटका साहिब की शपथ ली है। उन्होंने जिम्मेदारी के साथ यह वादा किया है। हालांकि, इस संबंधी किसी विशेष रणनीति का खुलासा करने से उन्होंने इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि इस समस्या के लिए कौन जिम्मेदार है।
सरकार स्वीकार करे समस्या
इसी तरह, राज्य सरकार की ओर से अलग-अलग शिक्षण प्रतिष्ठानों के छात्रों के डोप टेस्ट करवाने संबंधी रिपोर्ट के जवाब में कैप्टन ने कहा कि एक तरफ सरकार इस समस्या को नकार रही है, जबकि दूसरी ओर छात्रों के डोप टेस्ट करवाने जा रही है। उन्होंने कहा कि समस्या का हल ढूंढने से पहले सरकार को समस्या स्वीकार करनी चाहिए।
डेराबस्सी में पार्टी के बीच एकजुटता
इस दौरान कैप्टन ने जोर देते हुए कहा कि राज्य व डेराबस्सी में पार्टी के बीच एकजुटता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मौके पर पार्टी के उम्मीदवार का एलान करना उनके अधिकार में नहीं है। यह कांग्रेस प्रधान का विशेषाधिकार है और कांग्रेस में उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग व चुनाव की पूरी प्रक्रिया होती है। लेकिन वह आपको भरोसा देना चाहते हैं कि सबसे लायक उम्मीदवार, जिसकी जीतने की काबिलियत सबसे अधिक है, को ही टिकट मिलेगी। इस दौरान अन्यों के अलावा, अमरीक सिंह ढिल्लों, बलबीर सिंह सिद्धू, दीपइंदर ढिल्लों, जसपाल सरपंच, मनप्रीत बंटी संधू भी मौजूद रहे।
पंजाब के मुक्तसर में कैप्टन अमरिंदर सिंह की रैली
- फोटो : अमर उजाला
इस कार्यक्रम में कांग्रेस के महासचिव दीपइंदर सिंह ढिल्लों छाए रहे। कैप्टन अमरिंदर सिंह डेराबस्सी कार्यक्रम से पहले जीरकपुर में सीनियर कांग्रेसी नेता जसपाल सिंह के दफ्तर में चाय पीने के लिए रुके। जहां वह दीपइंदर सिंह ढिल्लों को अपनी गाड़ी में लेकर पहुंचे।
इसके अलावा डेराबस्सी प्रोग्राम में भी ढिल्लों को अपनी गाड़ी में साथ लेकर पहुंचे। इसके बाद लालड़ू में ढिल्लों के नेतृत्व में जनसभा को संबोधित किया। हालांकि पत्रकारों के सवालों के जवाब में कैप्टन ने कहा कि टिकट का फैसला पार्टी हाईकमान करेगी। पूरे प्रोग्राम के दौरान ढिल्लों को ज्यादा तवज्जो दी गई।
जीरकपुर ढाबे में खाना खाने की हुई चर्चा
डेराबस्सी में कार्यक्रम खत्म करने के बाद कैैप्टन कुछ कांग्रेसी नेताओं के साथ जीरकपुर में एक ढाबे पर खाना खाने गए। जो हलके में चर्चा का विषय बना रहा। लोग इसको प्रशांत किशोर की चुनाव रणनीति से जोड़ कर देख रहे थे।
कैप्टन अकेले रहे स्टेज पर
प्रशांत किशोर की टीम के संचालन में करवाए गए इस कार्यक्रम में कैप्टन अकेले स्टेज पर बैठ कर लोगों के सवालों के जवाब दे रहे थे। जबकि जिला मोहाली के प्रधान बलबीर सिंह सिद्धू, दीपइंदर सिंह ढिल्लों, अमृतपाल सिंह, जसपाल सिंह जीरकपुर सहित अन्य कांग्रेसी नीचे बैठे थे।
मनप्रीत कौर डौली सहित अन्य कांग्रेसियों ने बनाई दूरी
कार्यक्रम में स्व. कैप्टन कंवलजीत सिंह की लड़की व कांग्रेस की राज्य सचिव मनप्रीत कौर डौली, जिला कांग्रेस के उपप्रधान चरनजीत सिंह टिवाना, पंजाब पंचायत राज परिषद के प्रधान कुलजीत सिंह रंधावा गैरहाजिर रहे।
यह रहे सवाल
प्रोग्राम के दौरान हलका वासियों ने सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं और रात को डॉक्टर के न मिलने, फैक्ट्रियों से प्रदूषण की समस्या, बिजली-पानी की किल्लत, सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार, जीरकपुर के गांव गाजीपुर में हलका विधायक एनके शर्मा पर राजनीतिक रंजिश के कारण जमीन ग्रीन बेल्ट में डालने, हलका विधायक पर अवैध माइनिंग करने, झूठे केस दर्ज करवाने सहित अन्य समस्याओं से अवगत करवाया।