लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने धुर-विरोधी प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप बाजवा को खरी खोटी सुनाई है। पटियाला से विधायक परनीत कौर के शपथ ग्रहण में विधानसभा आए कैप्टन ने यहां तक कह दिया कि बाजवा को लंच पर आमंत्रित करने की कोई वजह नहीं है।
कैप्टन समर्थक विधायकों के लिए रखे लंच में बाजवा को आमंत्रित करने के सवाल पर कैप्टन ने कहा कि लंच सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ ने विधायकों के लिए रखा था। मैंने उनकी इजाजत से अपने कुछ दोस्तों और समर्थकों को बुलाया था। बाजवा न तो विधायक हैं, न मेरे दोस्त और न ही समर्थक। फिर उन्हें क्यों बुलाऊं।
कुछ विधायकों के बाजवा पर गलत दखलंदाजी के आरोपों पर कैप्टन बोले कि वह इस बारे में राष्ट्रीय प्रधान सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को सब कुछ बता चुके हैं। एक ब्लॉक प्रधान को भी हटाने के लिए एआईसीसी से इजाजत लेनी पड़ती है। बाजवा पता नहीं कैसे बदलाव कर रहे हैं।
बाजवा के सीएलपी को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का हिस्सा बताने पर कैप्टन ने कहा कि वह प्रदेश प्रधान थे तो बतौर विधायक सीएलपी मीटिंग में जाते थे। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर हमला बोलते समय भी कैप्टन ने तीन बार बादल की जगह बाजवा का नाम ले लिया। उन्होंने बताया कि पार्टी ने हरियाणा और महाराष्ट्र में उन्हें प्रचार की जिम्मेदारी दी है। पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिका में लाइफ टाइम वीजा की घोषणा पर कैप्टन ने कहा कि एकतरफा फैसला नहीं होता। अमेरिका और ब्रिटिश उच्चायोग से भी बात करनी पड़ेगी।