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दो साल पहले कांग्रेस छोड़ने के मूड में थे अमरिंदर, अपनी किताब में किया खुलासा

Thu, 18 May 2017 10:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि दो साल पहले कांग्रेस हाईकमान से मतभेद के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी बनाने की सोची जरूर थी लेकिन भाजपा में जाने के बारे में कभी विचार नहीं किया। 
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नई दिल्ली में सारागढ़ी युद्ध पर आधारित अपनी किताब और बायोग्राफी की रिलीज के बाद बातचीत में कैप्टन ने कनाडा के रक्षामंत्री पर खालिस्तान समर्थक होने का आरोप दोहराया।

उन्होंने कहा कि कनाडा सरकार में कई सदस्य हैं जो खालिस्तान समर्थक हैं। एक अन्य सवाल पर कैप्टन ने कहा कि उन्होंने 21 खालिस्तानी आतंकियों को सरेंडर करवाने के लिए बात की थी, लेकिन छह महीने में उन्हें मार दिया गया। इसके बाद उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री चंद्रशेखर से कभी बात नहीं की, क्योंकि उन्होंने धोखा दिया था। 
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कश्मीर में ह्यूमन शील्ड बनाने वाले मेजर नितिन गोगोई का एक बार फिर समर्थन करते हुए कैप्टन ने कहा कि उन्होंने अपने लोगों को बचाने के लिए सही फैसला लिया। उन्होंने कहा कि 120 साल पुरानी कांग्रेस तमाम उतार-चढ़ावों के बाद केंद्र में एक बार फिर लौटेगी। 
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'पंजाब के साथ नाइंसाफी की गई तो आतंकवाद फिर जन्म ले सकता है'

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : file photo
सीएम ने कहा कि उनके मन में पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के लिए कुछ भी निजी तौर पर नहीं है, उनकी अपनी अलग सोच है। सीएम ने आशंका जताई कि एसवाईएल के मुद्दे पर अगर पंजाब के साथ नाइंसाफी की गई तो आतंकवाद फिर जन्म ले सकता है। उन्होंने नशों को सबसे बड़ी चुनौती बताया। साथ ही कहा कि उद्योगों का रिवाइवल और बुनियादी ढांचे का विकास उनकी प्राथमिकता है।
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