सुनाम के अमन अरोड़ा के कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल होने के बाद पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तीखी बात कही।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जो नेता पार्टी छोड़ कर गए हैं, वे वास्तव में लोगों द्वारा नकारे जा चुके हैं। अब लोगों द्वारा स्वीकार किए जाने की झूठी उम्मीद लेकर राजनीतिक शरण हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
क़ैप्टन ने कहा कि जिस तरह आम आदमी पार्टी में कांग्रेस के नकारे नेताओं को शामिल किया जा रहा है, यह कांग्रेस के बेकारों के लिए कचरा घर बनती जा रही है।
अमन अरोड़ा, सुखपाल खैरा, सीडी कंबोज जैसे नेता चुनावों में बार-बार हार चुके हैं। इन्हें यह भी उम्मीद नहीं थी कि कांग्रेस में रहते हुए इन्हें अब चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा या फिर नहीं।
कैप्टन ने कहा कि अरोड़ा के परिवार को 1992 से लगातार छह बार टिकट दी जा चुकी है। अरोड़ा परिवार के चार सदस्यों में अमन अरोड़ा, उनके पिता भगवान दास अरोड़ा, माता परमेश्वरी अरोड़ा और बहन सोनिया अरोड़ा शामिल हैं। ये चार बार हार का सामना कर चुके हैं।
उन्होंने अमन अरोड़ा के जाने को कांग्रेस के साथ बड़ा धोखा बताया। कैप्टन ने कहा कि भगवान दास अरोड़ा 1992 और 1997 में चुनाव लड़े थे। उनके निधन के बाद 2000 में उनकी पत्नी ने विधानसभा उप चुनाव लड़ा।
2002 में उनकी बेटी सोनिया लड़ी। 2007 और 2012 में अमन अरोड़ा चुनाव लड़े। अमन दोनों ही चुनाव हारे, संभावित तौर पर वह आप में भी वही इतिहास दोहराएंगे। जिसके लिए कैप्टन ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।