पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब समेत पांच राज्यों में कांग्रेस की करारी हार के लिए गांधी परिवार को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि पंजाब में अपनी हार के लिए जिम्मेदार कांग्रेस वर्किंग कमेटी ने अपनी गलती मानने के बजाय हार का ठीकरा उनके (कैप्टन) सिर फोड़ दिया है, जो बहुत हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ चापलूस नेता अब भी जिम्मेदारी को दूसरों पर थोपकर गांधी परिवार को बचाना चाहते हैं।
सोमवार को जारी एक बयान में पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी (पीएलसी) के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दावा किया कि जब तक वह मुख्यमंत्री थे, तब तक कांग्रेस पंजाब में पूरी तरह से मजबूत थी। इसके बावजूद कुछ चापलूस नेताओं की वजह से उन्हें पार्टी और मुख्यमंत्री पद से हटाया गया। पंजाब में अस्थिर नवजोत सिद्धू और भ्रष्ट चरणजीत चन्नी को शह देकर कांग्रेस ने खुद अपनी कब्र खोदी है।
उन्होंने कहा- ‘कांग्रेस न सिर्फ पंजाब में बल्कि यूपी, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में भी हारी है और पार्टी की शर्मनाक हार के लिए पूरी तरह गांधी परिवार ही जिम्मेदार है। असलियत यह है कि देश भर के लोगों ने गांधी परिवार के नेतृत्व में विश्वास खो दिया है।’ कैप्टन ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की मीटिंग में कुछ नेताओं ने पंजाब में उनकी (कैप्टन) सरकार के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर की बात कही।
वह भूल गए कि 2017 में कैप्टन की सरकार बनने के बाद से कांग्रेस ने हर चुनाव जीता। कैप्टन ने कहा कि उन्हें अपमानित करके हटाने के 7 महीने पहले यानी फरवरी 2021 में हुए निकाय चुनाव में भी कांग्रेस को जीत मिली थी। यह नेता केवल शरारती तत्व हैं जो आरोप लगाकर गांधी परिवार को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। पंजाब में कांग्रेस की हार का असली कारण कांग्रेस हाईकमान है, जिसने पहले नवजोत सिद्धू को शह दी और फिर उसे खुद के फायदे के लिए पार्टी की छवि खराब करने से नहीं रोका। मौजूदा व्यवस्था में कांग्रेस का कोई भविष्य नहीं है।