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बॉर्डर खाली करवाना हिंदू वोट बैंक की सियासत का हिस्सा: कैप्टन

Sat, 08 Oct 2016 08:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
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कैप्टन अमरिंदर ​सिंह - फोटो : फाइल फोटो
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पंजाब के पूर्व सीएम व सांसद कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि पंजाब में बॉर्डर पर सनसनी फैलाना राजनीतिक साजिश का एक हिस्सा था। इसका तानाबाना भाजपा ने बुनकर सीएम बादल को आगे कर पंजाब बॉर्डर से सटे गांवों को खाली करवाना शुरू कर दिया ताकि यूपी में हिंदू मतदाताओं का रुझान भाजपा की तरफ हो जाए।
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ताकि इसका पूरा फायदा यूपी व पंजाब में होने वाले चुनाव में भाजपा को मिल सके। कैप्टन शनिवार को पूर्व फौजियों की एक सभा को संबोधित करने आए थे। कैप्टन ने कहा कि उन्होंने खुद 1965 की जंग लड़ी है। उनको पता है कि बॉर्डर पर क्या हालात होते हैं और सेना कैसे युद्ध करती है।

वह पिछले दिनों खुद बॉर्डर पर गए थे। वहां पर तो आर्म्ड फोर्स की मूवमेंट तक नहीं है। युद्ध के हालात ऐसे नहीं होते। यह सारा खेल है। रातो रात बार्डर एरिया में दहशत फैला दी गई और गांवों को खाली करवाना शुरू कर दिया गया। लोग डरकर अपना घर, पशु व फसल छोड़कर भागने लगे लेकिन बॉर्डर पर ऐसी कोई बात नहीं थी।
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पंजाब और उत्तर प्रदेश में चुनाव में फायदा लेने की साजिश

कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
कैप्टन ने 1965 के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि वह खेमकरण सेक्टर पर तैनात थे और जंग के दौरान जब एक किसान से पूछा कि डर नहीं लगता, यहां जंग लगी है और तुम खेतीबाड़ी कर रहे हो। इस पर किसान ने उत्तर दिया कि जनाब, यह जंग तो चंद दिन चलनी है अनाज तो पूरा साल खाना है।

पंजाब का किसान कितने हौंसले वाला है यह बॉर्डर पर जाकर देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर तनाव और हमले का खतरा तो जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर था। अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार पर बरसते हुए कैप्टन ने कहा कि प्रदेश का 70 प्रतिशत युवा बेरोजगारी के आलम से नशे के गर्त में डूबता जा रहा है।

बैंकों और आढ़तियों के कर्ज तले दबा किसान आत्महत्या कर रहा है और मौजूदा सरकार संरक्षित माफिया राज में कोई भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर का  समूह पंजाब में उद्योग लगाने के लिए नहीं आना चाहता। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने कैप्टन से सवाल जवाब भी पूछे।
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