कैप्टन साहब! आखिर पाकिस्तान पर इतनी मेहरबानी क्यों? एक तरफ पंजाब के उद्योग महंगी बिजली के चलते दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं, दूसरी तरफ पंजाब सरकार पाकिस्तान व नेपाल को सस्ती बिजली देने की बात कर रही है। कैप्टन सरकार को पंजाब का उद्योग बचाने के लिए पहल करनी चाहिए। इसके बाद में अगर सरप्लस बिजली है तो उसे जिसे चाहें जिस भाव में दे।
यह मुद्दा इंडस्ट्री एंड कॉमर्स डिपार्टमेंट की कांफ्रेंस में उछला। कांफ्रेंस में अमृतसर के अलग-अलग उद्योगों से जुड़े उद्योगपतियों ने शिरकत की। जिला प्रशासन के तरफ से डीसी कमलप्रीत सिंह संघा व्यापारियों की बात पंजाब सरकार तक पहुंचाने के लिए मौजूद थे।
इस मौके पर फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन कमल डालमिया ने कहा पंजाब के उद्योगपतियों को 7.7 रुपये की दर से बिजली दी जा रही है और जम्मू-कश्मीर में प्रति यूनिट बिजली की दर तीन रुपये है। हिमाचल प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बिजली व अन्य रियायती पैकेज मिल रहे हैं। वहीं, गुजरात में उद्योग को प्रति यूनिट पांच रुपये बिजली मिल रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के उद्योग को प्रति यूनिट पांच रुपये बिजली देने का वादा किया है।यह वादा कब पूरा होगा यह पंजाब के उद्योगपतियों को नहीं पता।