लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता व ऑल इंडिया जाट महासभा के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब के जाटों को आरक्षण का फायदा न मिलने के लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने शनिवार को कहा कि पंजाब में जाटों को आरक्षण नहीं मिलने की सारी जिम्मेदारी बादल की है, जो विशेष कारणों के चलते इस फैसले को दबाते रहे।
कैप्टन अमरिंदर से मिलने पहुंचे जाट प्रतिनिधियों के एक शिष्टमंडल और राज्य के अलग-अलग हिस्सों से संबंधित पदाधिकारियों से बातचीत के दौरान कैप्टन अमदिंर ने माना कि पंजाब ही एकमात्र राज्य है, जहां के गरीब व जरूरतमंद जाटों को जानबूझ कर आरक्षण के फायदे नहीं दिए गए।
उन्होंने कहा कि जाटों को आरक्षण देने का फैसला यूपीए सरकार ने लिया था और भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने भी इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को आरक्षण के लिए केंद्र को लिखना चाहिए। कैप्टन ने कहा कि हैरानी की बात है कि बादल अभी तक इसके लिए तैयार नहीं हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आरक्षण सिर्फ गरीब व जरूरतमंद जाटों के लिए है, न कि अमीरों के लिए। यह फैसला गरीब जाट विद्यार्थियों को ओबीसी कोटे के अधीन विभिन्न नौकरियों और शैक्षणिक संस्थाओं में भर्ती हासिल करने के काबिल बना सकता है। इन नौकरियों में आईएएस, आईपीएस व केंद्रीय सेवाएं शामिल हैं।