पाकिस्तान का नाम लिए बिना कैप्टन ने कहा कि वह मुल्क अफरीदी, कुर्कजाईयों, दक्षिण में बलूची और उत्तर में आईसिस, तालिबान के साथ लड़ रहा है और कभी कश्मीर में भारत की फौज से पंगा ले रहा है। अब पंजाब में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
कैप्टन ने तीखे लहजे में कहा कि उन्होंने कई बार कहा है कि ऐसा काम न करे। पंजाबी ऐसे लोग नहीं जो हाथ पर हाथ धर कर यह बर्दाश्त करेंगे। न तो कश्मीर में आपकी कोई बात बननी है और न पंजाब में। जो पैसा बचाओगे वह अपने लोगों के विकास पर लगाओ।
कैप्टन ने कहा कि वहां हमारे गुरुद्वारा साहिब है और वह चाहते हैं कि वहां भी सब कुछ ठीक हो। तीन दिन पहले वह सुल्तानपुर से जा रहे थे तो उन्होंने देखा कि 30-40 जगहों पर खेतों में आग लगी हुई थी। क्या हम प्रथम गुरु का हुक्म नहीं मानेंगे।
हमें अपनी धरती, हमारे लोगों को बचाना है। श्री गुरु नानक देव जी ने 550 साल पहले ही यह बात कही थी। पंजाब के लोगों ने एक साल में 77 लाख पौधे लगाए हैं। पंजाब में शाम को खुशी की दीपमाला होगी। वह करतारपुर जाएंगे और वहां सभी के लिए माथा टेकेंगे।
एक पंगत में लंगर छक नेताओं ने दिया सांझीवालता का संदेश
करतारपुर कॉरिडोर के खुलने के अवसर पर नेताओं ने शनिवार को बाबा नानक के बताए हुए सिद्धांतों पर चलते भाईचारे और सांझीवालता के संदेश पर चलकर एक मिसाल पेश की। शनिवार को कलानौर- गुरदासपुर रोड पर लंगर का एक पंडाल लगाया गया था। यह पंडाल कॉरिडोर के साथ लगती सड़क पर था।
लोग ले रहे कुल्हड़ वाली तंदूरी चाय का लुत्फ।
- फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी का काफिला कॉरिडोर की तरफ जा रहा था। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल, गवर्नर वीपी सिंह बदनौर, सुनील जाखड़, मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा उस लंगर पंडाल में रुके और सभी ने एक पंगत में बैठकर लंगर छका। पंडाल की दूसरी ओर लंगर छक रहे लोगों को जैसे ही मोदी और कैप्टन की आमद के बारे में पता चला तो लोग खाना बीच में ही छोड़ उनकी तस्वीरें लेने लगे।
कुल्हड़ वाली तंदूरी चाय का लुत्फ उठाने उमड़ रहे लोग
श्री गुरु नानक देव जी की नगरी सुल्तानपुर लोधी आने वाले श्रद्धालु पूना की मशहूर कुल्हड़ वाली तंदूरी चाय का खूब लुत्फ उठा रहे हैं। 550वें प्रकाश पर्व में नतमस्तक होने वाली संगत के लिए कई तरह के लंगर मौजूद हैं, लेकिन फिर भी संगत पर तंदूरी चाय का जादू खूब चढ़ रहा है। पांच नवंबर को 550वें प्रकाश पर्व के समागम का आगाज करवाने पहुंचे सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इस चाय का आनंद उठाया है।
सुल्तानपुर लोधी में चार जगह राजनंदनी कुलचा कार्नर, टेंट सिटी नंबर 3, मुख्य मेले में लगे झूले के पास और गुरुद्वारा श्री बेर साहिब के समीप तंदूरी चाय का प्रबंध है। राजनंदनी ढाबा के मालिक सूरज यादव बताते हैं कि उन्हें पूना में इस चाय के बारे में पता चला। उसके बाद वह हाल ही में इलाहाबाद कुंभ में पीएम नरेंद्र मोदी को खुद अपने हाथों से चाय बनाकर पिला चुके हैं।
पांच नवंबर को सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए कुछ अधिकारी चाय लेने के लिए आए थे। उनके लिए भी उन्होंने चाय बनाई। सूरज बताते हैं कि चाय तो पहले से ही तैयार होती हैं, गर्म चाय में अलग तंदूर में तपने के लिए रखे कुल्हड़ को चिमटे से उठाकर डालकर उबाला जाता है, जिससे मिट्टी की सोंधी महक चाय में समा जाती है।
यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है, क्योंकि इसे प्लास्टिक के कप में नहीं परोसा जा रहा है। चाय बनाने वाले कारीगर संतोष कुमार के अनुसार वे रोजाना करीब 500 कुल्हड़ तंदूरी चाय बना रहे हैं। कई बार आंकड़ा बढ़ भी जाता है। लोग न केवल चाय पीने आते हैं, बल्कि सेल्फी और वीडियो भी बनाते हैं।
सुल्तानपुर लोधी में सुरक्षा व कानून-व्यवस्था पर कड़ी निगरानी के लिए लगभग 1000 सीसीटीवी कैमरे, पैन टिल्ट जूम कैमरे (पीटीजी) और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रेकोगनिशन (एएनपीआर) लगाए गए हैं। यह हर नुक्कड़, हर प्रमुख स्थल की दिन-रात निगरानी में लगे हुए हैं। इन कैमरों का संचालन इंटेग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से किया जा रहा है।
एसएसपी कपूरथला सतिंदर सिंह ने बताया कि सभी कैमरे महत्वपूर्ण व संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए हैं। इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस नौनिहाल सिंह इस पूरे मास्टर प्लान के जनक हैं और वे खुद कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के संचालन का काम देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि उच्च क्षमता वाले और माडर्न कैमरों का इस्तेमाल कर पवित्र नगरी में हरेक घटनाक्रम को बारीकी से देखा जा रहा है।
पीटीजी कैमरों को 360 डिग्री व्यू के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। पीटीजी कैमरों को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगाया गया है। ये कैमरे फायर डिटेक्शन सिस्टम से भी लैस हैं, जिसके तहत किसी भी तरह की आगजनी का अलर्ट तुरंत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तक पहुंच जाता है।
एसएसपी कपूरथला सतिंदर सिंह ने बताया कि एएनपीआर कैमरे शहर में दाखिल होने वाले और बाहर निकलने वाले हरेक वाहन की निगरानी कर रहे हैं। ये कैमरे वाहनों की नंबर प्लेट पढ़ने में सक्षम हैं, जिसके चलते हरेक गाड़ी पुलिस-प्रशासन की निगरानी में है। इस योजना को लागू करने का मकसद श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सुनिश्चित करना है। इस कमांड एंट कंट्रोल सेंटर में 24 घंटे निगरानी के लिए स्टाफ की तैनाती की गई है, जो एक बड़ी एलईडी स्क्रीन के जरिए पूरे शहर की निगरानी कर रहे हैं।