पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज सदन में कहा कि राज्य में गैंगस्टरवाद और हिंसा को प्रोत्साहन देने वाली कोई भी फिल्म चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी और उनकी सरकार इस संबंध में सेंसर बोर्ड के पास पहुंच करेगी। बजट सत्र के तीसरे दिन शून्यकाल के दौरान खन्ना से विधायक गुरकीरत सिंह कोटली द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में विचार-चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने दखल देते हुए यह बात कही। श्री कोटली ने हाल ही में बैन की ‘शूटर’ जैसी अन्य फिल्में रिलीज होने की कतार में होने पर चिंता जाहिर की थी।
राज्यभर में सुरक्षित सामाजिक माहौल को यकीनी बनाने के लिए अपनी दृढ़ वचनबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में बहुत यत्नों के बाद अमन-शांति और सांप्रदायिक सद्भावना कायम की गई है जिसमें विघ्न डालने की हरगिज आज्ञा नहीं दी जाएगा। कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार ऐसी फिल्मों के संबंध में सेंसर बोर्ड को पत्र लिखेगी क्योंकि यह मामला बोर्ड के अधिकार क्षेत्र अधीन आता है।
यह जिक्र योग्य है कि इस महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने बदनाम गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के जीवन और जुर्मों के आधार पर बनी ‘शूटर’ फिल्म पर पाबंदी लगाने के हुक्म दिए थे। अकाली दल के स्थानीय नेता इकबाल सिंह मल्ला के देश-विरोधी गतिविधियों में सम्मिलन संबंधी विधायक परमिंदर सिंह पिंकी द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में सीएम ने इसकी विस्तृत जांच करवाने और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने का भरोसा दिया। पिंकी ने आरोप लगाया कि मल्ला के खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के सदस्य हैपी पीएचडी, जो हाल ही में पाकिस्तान में मारा गया, के साथ संबंध थे।