कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सहकारी चीनी मिलों द्वारा गन्ना उत्पादकों को अदा किए जाने वाले 299 करोड़ रुपये के पूरे बकाए का भुगतान करने के लिए शुगरफेड को 149 करोड़ की शेष राशि की अदायगी करने का आदेश दिया है। इस बीच, मुख्यमंत्री की हिदायतों पर वित्त विभाग ने सहकारी चीनी मिलों के किसानों को बकाया राशि का भुगतान करने के लिए 150 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है, जबकि 149 करोड़ की शेष राशि शुगरफेड द्वारा अपने साधनों से अदा की जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि कैप्टन ने सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को वित्तीय तौर पर योग्य विधि बनाने के लिए कहा है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति को उत्पन्न न हो सके और गन्ना उत्पादकों को समय पर और निरंतर अदायगी सुनिश्चित की जा सके।
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चीनी मिलों पर किसानों का 676 करोड़ रुपये बकाया
राज्य में चार निजी चीनी मिलों पर गन्ने के बकाए के तौर पर 1253 करोड़ की राशि है, जिसमें से 876 करोड़ का भुगतान पहले ही किया जा चुका है और 377 करोड़ रुपया अभी मिलों की तरफ बकाया है। दूसरी तरफ, सहकारी चीनी मिलों की 486 करोड़ की राशि में से 229 करोड़ शुगरफेड द्वारा अदा किए जा चुके हैं, जबकि साल 2019-20 और साल 2018-19 के लिए क्रमश: 257 करोड़ और 42 करोड़ बकाया हैं।
गन्ना किसानों के बकाये पर गरमाई थी सियासत
सियासी दलों ने दो साल से गन्ना किसानों के हिस्से का पैसा निजी और सहकारी चीनी मिलों द्वारा अदा नहीं किए जाने के मुद्दे को तूल देना शुरु कर दिया था। अकाली दल और आप के अलावा कांग्रेस के कई नेता भी किसानों के पक्ष में उतर आए थे, जिनमें राज्यसभा सदस्य प्रताप बाजवा और तीन कांग्रेस विधायकों ने सीएम को पत्र लिखकर बकाया अदा करने की मांग की थी।
आखिरकार सरकार ने गत सोमवार को 20 लाख रुपये जारी करने के साथ ही अगले दो दिन में और 30 लाख रुपये जारी करने का वादा किया था। हालांकि उसके विपरीत सरकार ने गुरुवार को 150 करोड़ रुपये जारी करते हुए सहकारी चीनी मिलों का पूरा बकाया चुकाने का फैसला ले लिया।