चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल में ड्राइविंग टेस्ट पास करना आसान नहीं है। ड्राइविंग सीखने के बाद भी 60 फीसदी लोग टेस्ट में फेल हो रहे हैं। चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क में तीन महीने में 8507 ने टेस्ट दिया और सिर्फ 3635 ही पास हो पाए। अधिकतर लोग बैक गियर में गाड़ी ठीक से नहीं चला पाते या चढ़ाई पर वाहन बंद कर बैठते हैं।
सेक्टर-23 के चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क में रोजाना करीब 140 टेस्ट होते हैं। किसी दिन छुट्टी की घोषणा हो जाए तो पीक दिनों में 160 के करीब भी लोग टेस्ट देने के लिए पहुंचते हैं, इनमें से 55 से 60 फीसदी टेस्ट में फेल हो जाते हैं। एक बार फेल होने के बाद उन्हें दो और मौके दिए जाते हैं। मौके पर ही टेस्ट के पूरा होने के बाद व्यक्ति को रिजल्ट भी बता दिया जाता है। आंकड़ों के अनुसार आधे से ज्यादा लोग मायूस होकर ही लौटते हैं। परिवहन विभाग के निदेशक प्रद्युमन सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ में ड्राइविंग टेस्ट सख्त और पारदर्शी है। टेस्ट का वीडियो भी रिकॉर्ड किया जाता है। अगर कोई आपत्ति जताता है तो वीडियो दिखाकर संतुष्ट किया जाता है और उसकी गलती भी बताई जाती है।