पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर कर्मचारी सकड़ों पर उतर आए। कर्मचारियों ने हाथ मे मोमबत्ती लेकर शांतिपूर्वक कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च पीजीआई से शुरू हुआ और सेक्टर-17 प्लाजा तक गया।
पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली की मांग को लेकर ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लाइज फेडरेशन की चंडीगढ़ शाखा ने शुक्रवार को कैंडल मार्च निकाला। कर्मचारियों ने शाम 5.00 बजे पीजीआई से सेक्टर 17 प्लाजा तक यूनिफाइड पेंशन योजना को नकारते हुए कैंडल मार्च निकाल विरोध जताया।
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फेडरेशन के राज्य संयोजक सत्यवीर डागर ने कहा कि यूनिफाइड पेंशन योजना में कर्मचारियों के कट रहे 10 प्रतिशत का कुल फंड सरकार रख लेगी और पेंशन देगी। मतलब कर्मचारियों के ही पैसे से पेंशन देने की योजना है।
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25 साल की सर्विस के बाद वीआरएस लेने पर पेंशन 60 साल पर शुरू होगी, तो 10 से 12 साल तक कर्मचारी कैसे जीवनयापन करेगा।
कर्मचारियों का कहना है कि क्या गारंटी है कि कर्मचारी 60 साल की उम्र तक जीवित रहेगा। यह कर्मचारियों के साथ अन्याय हैं। इसमें न जीपीएफ की सुविधा है न ही कम्युटेशन की सुविधा।
इसलिए सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना ही लागू की जाए। कैंडल मार्च में पीजीआई, जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32 और आयकर विभाग के कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
कैंडल मार्च के दौरान प्लाजा में कर्मचारियों ने मोमबत्तियो से ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) लिखा। वहीं विरोध जता रहे कर्मचारियों के सिर पर सफेद टोपियां थी, जिनमें ओपीएस लिखा था। वहीं, हाथों में पोस्टर थे, जिनमें लिखा था ओपीएस हमारा हक, वी वांट ओपीएस और फाइट फॉर राइट- पेंशन इज राइट स्लोगन लिखे हुए थे।