खबर प्रकाशित होते ही हरकत में आई सरकार
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने इससे पहले 2015 में एचटेट पास करने वालों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया था और उनके आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे थे। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर छपने के बाद सरकार हरकत में आई और जो काम सप्ताह से नहीं हो रहा था, वह एक ही दिन में हो गया।
16 साल बाद हरियाणा में टीजीटी संस्कृत के 926 पद विज्ञापित
16 साल के बाद हरियाणा में टीजीटी संस्कृत के 926 पद विज्ञापित करने के साथ पारंपरिक संस्कृत महाविद्यालयों को भी आर्थिक मदद देने का फैसला सरकार को लेना चाहिए। दरअसल, गुरुकुल और पारंपरिक संस्कृत महाविद्यालयों में शास्त्री और आचार्य की शिक्षा के अलावा वेद, व्याकरण, ज्योतिष ज्ञान और न्याय दर्शन की शिक्षा भी जाती है।
संस्कृत भारती हरियाणा न्यास ने लंबे समय पर भर्ती प्रक्रिया के लिए सरकार का स्वागत करने के साथ ही यह मांग रखी है। उक्त मांग संस्कृत भारती हरियाणा न्यास के अध्यक्ष डॉ. सोमेश्वर शर्मा, प्रांत मंत्री प्रमोद शास्त्री और कोषाध्यक्ष हरिदेव शास्त्री ने उठाई। विद्यालयों में वर्ष 2006 के बाद टीजीटी संस्कृत अध्यापकों की और 2014 के बाद पीजीटी संस्कृत अध्यापकों की कोई भी भर्ती नहीं हुई। भर्ती न होने से विद्यालयों में संस्कृत शिक्षकों के अभाव में न चाहते हुए भी छात्र अन्य विषय पढ़ रहे हैं। सैकड़ों गुरुकुल और विद्यापीठ बंद होने की कगार पर हैं। संस्कृत भारती हरियाणा न्यास ने सरकार से जल्द ही इस भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण कराने उम्मीद जताई है।