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इंडियन पॉलिटिक्स के पेपर में पूछा गया यूनाइटेड नेशनस के सवाल, छात्र भड़के

Thu, 18 May 2017 09:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : File Photo
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पंजाब यूनिवर्सिटी से संबंधित कॉलेजों में बुधवार को एमए पॉलिटिकल साइंस के चौथे सेमेस्टर का पेपर सिलेब्स से बाहर आया। इंडियन पॉलिटिक्स के पेपर में यूनाइटेड नेशन की जरूरत पर सवाल पूछे गए तो स्टूडेंट्स भी टेंशन में आ गए। सभी सेंटरों में गलत पेपर बांट दिए गए, लेकिन जब स्टूडेंट्स ने रोष जताया तो आनन-फानन में पेपर दोबारा तैयार किया गया और सेंटरों पर मेल से भेजा गया। इसके चलते पेपर में करीब आधे घंटे की देरी हो गई।
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दरअसल, पेपर एमए पॉलिटिकल साइंस भाग 9 के चौथे सेमेस्टर का बांटा जाना था। इसमें इंडियन पॉलिटिकल थोट से संबंधित सवाल पूछे जाने थे जबकि स्टूडेंट्स को भाग 13 का पेपर हल करने को दे दिया, जिसमें सभी सवाल विदेश राजनीति से संबंधित पूछे गए थे। इतनी बड़ी गलती पर स्टूडेंट्स ने हल्ला किया तो सेंटर्स में से एग्जामिनेशन कंट्रोलर को सूचित किया गया। वहां पर सब्जेक्ट से संबंधित टीचर्स को बुलाकर नया पेपर तैयार कराया गया और उसे सेंटर्स में भेजा। 

बता दें कि पॉलिटिकल साइंस में 13 कैटेगरी के पेपर होते हैं। स्टूडेंट्स अलग-अलग कैटेगरी में दाखिला लेते हैं और हर कैटेगरी के लिए अलग-अलग पेपर होता है।
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पॉलिटिक्स के पेपर में पूछे ऐसे सवाल

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इंडियन पॉलिटिक्स के पेपर में पूछे ऐसे सवाल
- यूनाइटेड नेशन की क्या जरूरत है?
- यूनाइटेड नेशन की अधिकारिक भाषा क्या है?
- सिक्योरिटी काउंसिल में कितने सदस्य हैं?
- 1995 की बीजिंग कांफ्रेंस के मुद्दे क्या थे? 

पेपर ठीक किया तो ऐसे हुए सवाल
- सत्याग्रह का मूल सिद्धांत क्या है?
- गांधी ने अहिंसा को कैसे डिफाइन किया है?
- नेहरू के विचार बताएं?

होम साइंस के पेपर में पूछ ली गरीबी की परिभाषा
मंगलवार को भी होम साइंस का पेपर कुछ सेंटर्स में गलत दे दिया गया था। होम साइंस का पेपर सिलेब्स के बाहर आया और उसमें गरीबी की परिभाषा पूछ ली गई। तब भी आनन-फानन में नया पेपर तैयार करके जारी किया गया था।
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