यूजीसी ने सभी कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वह एडमिशन का रिकॉर्ड उन्हें भेजें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि कोई सीट खाली न रहे। सीट खाली रहने से कॉलेज व छात्रों का नुकसान होता है। वेटिंग लिस्ट के लिए समय ऐसा निर्धारित करें ताकि सीट भर जाए। सूत्रों का कहना है कि देश के कुछ कॉलेजों में पिछले वर्षों में सीटों की संख्या से अधिक दाखिले हुए थे।
इससे शिक्षा गुणवत्ता पर भी प्रभाव पड़ा और साथ ही पारदर्शिता भी नहीं रही। इसी को देखते हुए यूजीसी इस बार रिकॉर्ड मांग रहा है। जहां भी यूजीसी को कमियां मिलेंगी वहां उसमें सुधार किया जाएगा। जुलाई माह के आखिरी सप्ताह तक यह रिकॉर्ड भेजना होगा। साथ ही शिक्षकों के रिक्त पदों का भी ब्योरा देना होगा। छात्रों की सीटों की संख्या के मुताबिक शिक्षकों की संख्या कितनी पर्याप्त है, इसके बारे में भी जानकारी देनी होगी।