देश में सर्वाधिक पेटेंट का रिकॉर्ड बनाने में आईआईटी के बाद दूसरे नंबर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (सीयू) का आता है। सीयू ने अब तक 450 पेटेंट दर्ज कराए हैं। यह बात मंगलवार को सीयू के चांसलर एवं चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ कालेजेज (सीजीसी) के चेयरमैन सतनाम सिंह संधू व सीजीसी ग्रुप के प्रेसीडेंट रसपाल सिंह धालीवाल ने अमर उजाला से कही।
उन्होंने बताया कि रिसर्च के क्षेत्र में यूनिवर्सिटी की अलग पहचान है। इस क्षेत्र को और आगे ले जाएंगे। पब्लिकेशन में भी हम बहुत आगे हैं। 40 से अधिक देशों के साथ सीयू का करार है। वहां के विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं। उसका प्रमुख कारण यही है कि यूरोप से सस्ती शिक्षा यहां मिल रही है। साथ ही क्वालिटी भी बेहतर है। रोजगार के अवसर भी भरपूर हैं।
नई एजुकेशन पॉलिसी उच्च शिक्षा को लगाएगी पंख
उन्होंने बताया कि पंजाब एजुकेशन हब बन रहा है। शिक्षा ग्रहण करने के लिए दुनियाभर के युवाओं की नजरें यहीं टिकी हैं। सीयू की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि यह यंगेस्ट यूनिवर्सिटी में गिनी जाती है। नैक से ए ग्रेड मिला है। प्लेसमेंट में 625 कंपनियों को बुलाकर लिम्का बुक में नाम दर्ज कराया है।
डिजनी से सीयू के 45 फीसदी विद्यार्थी प्लेसमेंट के जरिये जुड़े हुए हैं। स्पोर्ट्स हो या फिर कल्चरल हर क्षेत्र में यूनिवर्सिटी आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि नई एजुकेशन पॉलिसी से शिक्षा की गुणवत्ता और बढ़ेगी। साथ ही प्रख्यात संस्थानों की सूची में दस निजी विश्वविद्यालयों को स्थान मिलने के बाद निजी विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी अब और बढ़ गई है।
टूरिज्म के क्षेत्र में रोजगार के अवसर
भविष्य की योजना पर कहा कि सीयू ग्लोबल रैंकिंग में बाजी मारेगा, उसकी तैयारियां चल रही हैं। टाइम्स आदि रैंकिंग में बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में टूरिज्म के क्षेत्र में विद्यार्थी आ रहे हैं। सर्वाधिक एडमिशन हो रहे हैं। इसमें रोजगार के अवसर अपार हैं। कंप्यूटर साइंस, एमबीए, इंजीनियरिंग में भी विद्यार्थियों की संख्या कम नहीं है। कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थियों की डिमांड विदेशों में खूब है। बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार मिल रहा है।