शहर के सरकारी स्कूलों में सर्व शिक्षा अभियान(एसएसए) के तहत कई सालों से कार्यरत 1000 से अधिक शिक्षकों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है।
एक तरफ शिक्षकों को वेतन नहीं तो दूसरी तरफ नोटबंदी ने उनकी दिक्कतों को बढ़ा दिया है। एसएसए शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल वेतन जारी करने को लेकर एडवाइजर परिमल राय से मिल चुका है।
लेकिन अभी तक मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। एसएसए वेलफेयर एसोसिएशन प्रेसिडेंट अरविंद राणा ने कहा कि शिक्षकों को तीन महीने से वेतन जारी नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लिए घर का खर्च चला पाना मुश्किल हो चुका है। उन्होंने कहा कि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो सभी शिक्षक यूटी प्रशासन के फैसले के खिलाफ ऑनलाइन विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। सभी एसएसए शिक्षक पेट्रोल, ट्रांसपोर्ट और रेंट बिल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सांसद किरण खेर और फाइनेंस मंत्री अरुण जेटली को भेजेंगे।