पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) में सिंडीकेट बैठक आज हो रही है। जोरदार हंगामेदार होने की संभावना है। बैठक में कई अहम मुद्दों पर मुहर लग सकती है। 2017-18 सत्र के लिए ट्यूशन फीस बढ़ाने का प्रस्ताव अहम रहेगा। सिंडीकेट में कई अन्य अहम फैसलों पर भी मुहर लग सकती है।
जानकारी अनुसार सिंडीकेट बैठक में पीयू कैंपस और एफिलिएटेड 192 कॉलेजों में 2017-18 सत्र से ट्यूशन फीस में दोगुणा से भी अधिक ट्यूशन फीस बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। 24 जुलाई सीनेट बैठक में परीक्षा फीस बढ़ाने के फैसले का कैंपस में जबर्दस्त विरोध जारी है।
पीयू में फीस बढ़ोतरी को लेकर करीब 8 दिन से एबीवीपी और अन्य छात्र संगठन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सूत्रों के अनुसार विद्यार्थियों के विरोध को देखते हुए सिंडीकेट प्रस्तावित ट्यूशन फीस में कमी या कुछ समय के लिए प्रस्ताव को टाल भी सकती है।
कई रिपोर्ट रखी जाएंगी
सिंडीकेट में के इतिहास के सबसे बड़े घोटाले की रिपोर्ट पेश की जाएगी। पीयू की कांट्रेक्ट कर्मचारी पूजा बग्गा द्वारा करीब 2.30 करोड़ के गमन के मामले की रिपोर्ट रखी जाएगी। बैठक में 2014 में लॉ एंट्रेंस पेपर लीक मामले की रिपोर्ट भी रखी जाएगी।
रिपोर्ट में पूरे मामले से जुड़े शिक्षकों पर जांच कमेटी ने सवालिया निशान लगाया है। पीयू के ही लॉ विभाग के कुछ प्रोफेसर मामले में शामिल बताए गए हैं। इस मामले पर पीयू प्रशासन द्वारा दो साल से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में सिंडीकेट में मामले में हंगामा होने के पूरे आसार हैं।
सिंडीकेट में इन प्रस्तावों पर भी लगेगी मुहर
-पीयू में महाराजा रणजीत सिंह चेयरशिप जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वेस्टर्न कमांड ले.जरनल केजे सिंह को देने का प्रस्ताव।
-पीयू सीनेट,सिंडीकेट और बोर्ड ऑफ फाइनेंस में एमएचआरडी और यूजीसी अधिकारियों को एक्स ऑफिसियो के तौर पर शामिल करने का प्रस्ताव।
-पीयू में विजटिंग प्रोफेसरों का मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव।
-यूआईसीईटी में बीई-एमबीए पांच वर्षीय कोर्स में बीच में बीई की डिग्री देने का प्रस्ताव।
-पीयू के कई प्रोफेसर को कोर्ट के आदेशों पर 60 साल के बाद भी सर्विस जारी रखने का प्रस्ताव