Punjab University Professor Arun Kumar Grover
जिस पंजाब यूनिवर्सिटी से पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, सांसद किरण खेर, अभिनेता अनुपम खेर जैसे दिग्गजों ने तालीम ली। जहां चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस जेएस खेहर और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जैसी प्रमुख हस्तियों पढ़ा चुकी हैं। वही पीयू आज फंड के लिए मोहताज है और ऐतिहासिक महत्व रखने वाली यूनिवर्सिटी की छवि निरंतर धूमिल हो रही है।
वर्तमीन में पीयू अपनी फैकल्टी और स्टाफ की सैलरी तक नहीं दे पा रही है। एक महीना निकलता है तो अगले महीने की मुश्किल आ खड़ी होती है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के हस्तक्षेप ने पीयू को महीने भर की राहत दिलाते हुए 44 करोड़ का बजट जारी करवा दिया। लेकिन इसमें भी सिर्फ दिसंबर की सैलरी ही दी जा सकेगी।
इस वित्त वर्ष के जनवरी से मार्च तक बचे तीन महीनों की सैलरी कैसे दी जाएगी यह अभी भी पहेली बनी हुई है। ऊपर से यूजीसी ने और बजट देने से साफ इनकार भी कर दिया है। कोई ठोस नीति नहीं बनने तक पीयू का आगे भी यही हाल रहने वाला है।