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राहत : चंडीगढ़ में छह हाईस्कूलों को सीनियर सेकेंडरी स्कूल बनाएगा शिक्षा विभाग, 11वीं में दाखिला होगा आसान 

Sat, 13 Mar 2021 11:13 AM IST
निवेदिता वर्मा कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • चंडीगढ़ शिक्षा विभाग अगले शैक्षणिक सत्र से ग्यारहवीं में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को देगा राहत 
  • पेरीफेरी इलाके में बने छह हाईस्कूलों को जल्द ही सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बदल दिया जाएगा
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चंडीगढ़ के छह हाईस्कूल किए जाएंगे अपग्रेड। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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चंडीगढ़ शिक्षा विभाग अगले शैक्षणिक सत्र से ग्यारहवीं में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को राहत देने जा रहा है। पेरीफेरी इलाके में बने छह हाईस्कूलों को जल्द ही सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बदल दिया जाएगा। इससे करीब एक हजार सीटें बढ़ जाएंगी। 

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चंडीगढ़ में कुल 40 सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं, जिनमें ग्यारहवीं के लिए करीब 12800 सीट हैं। इन सीटों के लिए हर साल करीब 16000 आवेदन आते हैं। दाखिले के लिए खूब घमासान मचता है। अभिभावक से लेकर शिक्षा विभाग भी परेशान होता है। इससे करीब तीन से चार हजार विद्यार्थी दाखिले से वंचित रह जाते हैं। 

हर अभिभावक की ख्वाहिश होती है कि उनका बच्चा 12वीं की परीक्षा चंडीगढ़ से पास करे। दरअसल चंडीगढ़ से 12वीं पास करने के बाद शहर के कॉलेजों में दाखिले की राह आसान हो जाती है। शहर से पास आउट विद्यार्थियों को दाखिले में 85 फीसदी कोटा मिलता है। चंडीगढ़ के अलावा आसपास के क्षेत्रों में कोई खास कॉलेज भी नहीं है। ऐसे में हर विद्यार्थी चाहता है कि दसवीं के बाद वह आगे की पढ़ाई चंडीगढ़ से करें। 

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शिक्षा निदेशक रूबिंदरजीत सिंह बराड़ ने बताया कि हर वर्ष ग्यारहवीं के दाखिले के दौरान मारामारी रहती है। अतिरिक्त सीट बढ़ाने के बावजूद कई सारे विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल पाता। इन सभी स्थितियों को देखते हुए सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। छह में से दो स्कूलों के नाम तय कर दिए हैं। इनमें रायपुरकलां व मलोया स्कूल के नाम शामिल हैं। इन स्कूलों में अभी सिर्फ आर्ट्स से संबंधित विषय रखे जाएंगे। विज्ञान की सीट बढ़ाने पर फैसला नहीं लिया है, क्योंकि इसके लिए प्रयोगशालाओं की भी संख्या बढ़ानी पडे़गी।

लड़कियों के लिए 25 फीसदी कोटा तय करने पर विचार 
शिक्षा निदेशक बराड़ ने बताया कि ग्यारहवीं कक्षा में कम अंक होने पर दूर का स्कूल मिलने पर लड़कियों को स्कूल जाने में परेशानी होती है। इस कारण कई बार अभिभावक लड़कियों को स्कूल भेजने के पक्ष में भी नहीं दिखते। इसलिए इस बात पर विचार किया जा रहा है कि लड़की ने जिस स्कूल में दसवीं तक की पढ़ाई की है, उसे उसी स्कूल में दाखिला मिल जाए। इसके लिए 25 फीसदी कोटा तय करने पर विचार किया जा रहा है। 

आंकड़ों पर एक नजर
  • 1000 के करीब नई सीटें बढ़ जाएंगी
  •  40 सरकारी सीनियर सेकंडरी स्कूल हैं चंडीगढ़ में
  • 12800 के करीब सीटें हैं 11वीं में 
  • 16000 के करीब हर साल आते हैं आवेदन
  • 4000 के करीब विद्यार्थी दाखिले से रह जाते थे वंचित 
     
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