पीयू छात्र संघ चुनाव परिणाम आने के साथ ही इस्तीफे देने का दौर शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत पूसू के प्रधान नवलदीप सिंह ने की। पीयू के सबसे पुराने छात्र संगठन के प्रधान ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं, एबीवीपी ने चुनाव में संगठन के प्रदर्शन पर संतुष्टि जाहिर की है। जबकि एसएफए का थिंक टेंक कैंपस में अपने वोट बैंक से हार के कारणों में जुट गया है।
हार की जिम्मेदारी लेते हुए नवलदीप सिंह ने कहा कि इस बार के चुनाव में पूसू अन्य संगठनों की तरफ से दिए गए बेबाक बयान और आरोप के चलते हारी। नवल ने कहा कि पूसू 1977 से पीयू के विद्यार्थियों के लिए काम करती आ रही है और आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा। नवल ने पीयू की ग्रांट बढ़ने का श्रेय भी पूसू को दिया।
वहीं एबीवीपी नेता हरमनजोत गिल ने संगठन के उम्मीदवार अविनाश पांडे के प्रदर्शन पर संतुष्टि जाहिर की। गिल ने कहा कि एबीवीपी ने पीयू में अपना बड़ा वोट बैंक तैयार किया है। पांडे को 1500 से ज्यादा वोट मिले और अगले चुनावों में यह पार्टी के लिए फायदेमंद होगा।
हार के कारणों में जुटी एसएफएस
एसएफएस नेता दमनप्रीत सिंह के मुताबिक हार के कारणों का पता लगाने केलिए काम शुरू कर दिया हैै। अपने वोट बैंक और जहां से वोट नहीं मिली, वहां से भी कारण जुटाए जा रहे हैं। दमन के मुताबिक एसएफएस मैदानी स्तर पर काम करती आई है, जो आगे भी जारी रहेगा।