फीस में बढ़ोतरी का मामला अभी थमा नहीं कि पंजाब यूनिवर्सिटी ने अपने लाखों स्टूडेंट्स को एक और बड़ा झटका दे दिया है। नए फरमान के तहत अब स्टूडेंट्स अब चाहे भंगड़ा डालें या गिद्दा, उन्हें हाजिरी में मिलने वाली 10 प्रतिशत की छूट अब नहीं मिलेगी। यूजीसी ने साफ कर दिया है कि, अगर परीक्षा में अपीयर होना है तो सभी को 75 प्रतिशत हाजिरी पूरी करनी ही होगी। बता दें कि पहले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन में शामिल रहने वाले छात्रों को अटेंडेंस में 10 प्रतिशत की छूट मिलती थी।
पंजाब यूनिवर्सिटी के जो स्टूडेंट्स सांस्कृतिक कार्यक्रम या एक्सट्रा एक्टीविटिज में भाग लेते थे, उन्हें लेक्चर अटेंडेंस में 10 प्रतिशत छूट दी जाती थी। इसके लिए यूनिवर्सिटी के सांस्कृतिक विभाग की मंजूरी रहती थी। लेकिन, इस सेमेस्टर से इस सिस्टम में बदलाव किया गया है। हाल ही में हुई चेयरपर्सनस की मीटिंग में इस छूट को खत्म करने का निर्णय लिया गया। यूजीसी की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए कहा गया कि सभी संस्थानों में नियम है कि प्रत्येक छात्र की 75 फीसदी लेक्चर अटेंडेंस पूरी होनी चाहिए, अगर उसे परीक्षा देनी है तो।
पीएचडी में मिलेगा कोटा
एससी, एसटी व ओबीसी उम्मीदवारों को अब पंजाब यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने पर कोटा मिलेगा। हालांकि यह कितने प्रतिशत होगा, इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। कोटे में दिव्यांगों को भी शामिल किया जाएगा। पीएचडी में अभी तक कोटे का कोई प्रावधान नहीं था।
ऑन लाइन कोर्स शुरू करने की तैयारी
यूनिवर्सिटी की आय बढ़ाने के लिए पीयू में ऑनलाइन कोर्स शुरू करने की भी तैयारी की जा रही है। इसके लिए एक कमेटी का भी गठन किया गया है, जिसमें सभी विभागों के स्टॉफ को शामिल किया गया है। इसके लिए पीयू की तरफ से यूजीसी में तर्क दिया गया है कि ऑनलाइन कोर्स शुरू करना एमएचआरडी के मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स का हिस्सा होगा।