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24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने के मुद्दे पर वीसी पहली बार आए सामने, दिया बड़ा बयान कहा...

Thu, 22 Nov 2018 05:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी वीसी राजकुमार
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24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खुलवाने की मांग को लेकर चल रहे प्रोटेस्ट के 25वें दिन वाइस चांसलर प्रो. राजकुमार ने स्टूडेंट काउंसिल से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बैठक की। दो घंटे तक चली इस बैठक में भी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका लेकिन वीसी ने यह संदेश जरूर दे दिया कि यूजीसी, सीनेट व सिंडिकेट से बढ़कर वह नहीं हैं, वहां जो आदेश जारी होंगे, वही पीयू में लागू होंगे। छात्रसंघ पदाधिकारी और पीयू की छात्राएं इस बात से संतुष्ट नहीं नजर आईं और उन्होंने भी एलान कर दिया कि मांग पूरी होने तक उनका प्रोटेस्ट जारी रहेगा। बीते दिन में स्टूडेंट काउंसिल की अध्यक्ष कनुप्रिया व छात्र संगठन एसएफएस के पदाधिकारी हरमन वीसी ऑफिस के सुरक्षा घेरे के पास पहुंचे तो वहां उन्हें रोक लिया गया।
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इसके बाद कनुप्रिया ने गार्ड आदि के बयानों की वीडियो बनानी शुरू की तो उन्हें बमुश्किल अंदर प्रवेश करने दिया गया। कनुप्रिया के मुताबिक, वहां जाकर उन्होंने वीसी के पीए से मुलाकात की और मांग रखी कि उन्हें वीसी से मिलना है। यहां भी उन्हें साफ इनकार कर दिया गया। बहानेबाजी की गई। इस दौरान कनुप्रिया ने फिर वही तरीका अपनाया। उन्होंने बयानों की वीडियो बनानी शुरू की तो दबाव बना। आखिर में यह बात वीसी तक पहुंचाई गई तो बुधवार की शाम साढ़े चार बजे मीटिंग फिक्स हुई। इस बैठक में वीसी ने डीएसडब्ल्यू, वार्डन को भी बुलाया।

काउंसिल पदाधिकारी मौन, पीयू प्रशासन को दिया साथ
बैठक के दौरान सबसे पहले वीसी ने स्टूडेंट काउंसिल की अध्यक्ष कनुप्रिया से मांगपत्र मांगा। इस पर उन्होंने छात्राओं की सभी मांगें वीसी के सामने रखीं। इसके बाद काउंसिल के अन्य पदाधिकारियों से पूछा गया लेकिन उन्होंने कोई भी बात छात्राओं के फेवर में नहीं कही। छात्र नेता विपुल ने इतना जरूर कहा कि गर्ल्स हॉस्टल 24 घंटे खुलने चाहिए। इस दौरान कई मुद्दों पर बात हुई लेकिन निर्णय कुछ नहीं हुआ। अध्यक्ष कनुप्रिया ने बैठक के आखिर में इसका परिणाम पूछा लेकिन किसी ने स्पष्ट नहीं किया। यह जरूर कह दिया कि जो पिछली बैठक में हॉस्टल का समय बढ़ाया गया, पीयू प्रशासन वही तक सीमित है। आगे नियमों की दुहाई दी गई। हालांकि यह भी कहा कि 24 घंटे हॉस्टल वैसे ही खुले हैं, यदि कोई छात्रा इमरजेंसी में बाहर जाना चाहती है तो वह रजिस्टर नियम का पालन कर जा सकती है लेकिन इस बात को काउंसिल अध्यक्ष ने नहीं माना। इस दौरान कार फ्री परिसर, हॉस्टर्ल्स की पारदर्शिता आदि मांगों पर काम करने के लिए पीयू प्रशासन ने हामी भरी।
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हसनप्रीत को नहीं जाने दिया अंदर
स्टूडेंट काउंसिल की अध्यक्ष की मांग थी कि बैठक में प्रोटेस्ट कर रहीं छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल को बुलाया जाए, जिसमें आइसा, पीएसयू ललकार आदि संगठन साथ हैं। साथ ही एसएफएस की पदाधिकारी भी बुलाए जाएं लेकिन ऐसा नहीं किया गया। एसएफएस की पदाधिकारी हसनप्रीत भी बैठक में शामिल होने के लिए वीसी कार्यालय पहुंचीं, लेकिन उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। उन्होंने विरोध किया तो वीसी ने भी देखा। हसनप्रीत ने कहा कि छात्राएं इतने दिन से प्रोटेस्ट कर रही हैं, कम से कम वीसी धरना स्थल पर पहुंचकर छात्राओं की बात सुनें लेकिन वीसी मौन रहे।

प्रोटेस्ट जारी
बैठक में कोई निर्णय नहीं आने पर छात्राओं का गुस्सा सातवें आसमान पहुंच गया। उन्होंने रात को प्रोटेस्ट किया और जमकर नारेबाजी भी। कहा कि वह आंदोलन को और बढ़ाएंगी। यह कम नहीं होगा। पीयू प्रशासन को छात्राओं की बातें माननी होगी।
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