फीस बढ़ोतरी के विरोध में पीयू स्टूडेंट काउंसिल
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फीस वृद्धि के मुद्दे पर ऑडिटोरियम में हंगामा हो गया। छात्रों से सवालों से वीसी इतने तिलमिला गए कि उन्होंने बीच में बैठक छोड़ दी। पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर के खिलाफ सोमवार को रिसर्च स्कॉलरों ने उस वक्त नारेबाजी शुरू कर दी जब वीसी लॉ आडिटोरियम में छात्रों को संबोधित कर रहे थे। विद्यार्थियों के हंगामे के बाद वाइस चांसलर बैठक छोड़कर चले गए। इसके बाद छात्र भी हंगामा करते बाहर आ गए।
दरअसल, वाइस चांसलर पीयू के रिसर्च स्कॉलर छात्रों से फीस वृद्धि मसले पर बातचीत करना चाहते थे। इसके लिए वीसी ने छात्रों की एक आपात बैठक दोपहर बाद लॉ आडिटोरियम में बुलाई। बैठक में वीसी ने छात्रों को पहले तो विश्वविद्यालय के स्वर्णिम इतिहास से रूबरू करवाया। इसके बाद बताया कि किस तरह दशकों पहले बड़े राजघराने भी इस विश्वविद्यालय को चलाने में आर्थिक मदद देते थे।
वीसी ने कहा कि आज देश का प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक पंजाब विश्वविद्यालय आर्थिक संकट से गुजर रहा है और केंद्र सरकार व यूजीसी पीयू को अतिरिक्त ग्रांट जारी करने में लगातार देरी कर रही है। इस वजह से पीयू की आर्थिक हालत लगातार खराब होती जा रही है। वीसी ने छात्रों को समझाते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में लड़खड़ाती आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए ही फीसों में वृद्धि की है।
वीसी ने ये भी कहा चाहे कुछ भी हो कोई भी सरकार हॉयर एजुकेशन फ्री नहीं दे सकती और वैसे भी पीयू ने सभी विषयों में फीस वृद्धि नहीं की है। पीयू ने सिर्फ उन कोर्सों की फीस ज्यादा बढ़ाई है, जो कि रोजगारपरक है, अन्य परंपरागत विषयों की फीस में इजाफा बहुत ज्यादा नहीं है। वीसी ने छात्रों से इस स्थिति में पीयू का साथ देने की अपील की और छात्रों को सवाल पूछने का न्योता दिया।
तीखे होते गए सवाल, नाराज होते गए वीसी
Punjab University Professor Arun Kumar Grover
छात्रों ने वीसी से पूछा कि अब आर्थिक संकट से कैसे निपटा जाएगा। वीसी ने कहा कि इस समस्या का समाधान पीयू ने छात्रों के समक्ष रख दिया है। इस पर एक अन्य छात्र ने कहा कि अथॉरिटी आखिरकार पंजाब यूनिवर्सिटी का व्यवसायीकरण क्यों करना चाहती है। इस पर वीसी ने कहा कि आज भी पीयू की फीस प्राइवेट विश्वविद्यालयों से बहुत कम है। एक अन्य छात्र ने जब ये सवाल पूछा तो वीसी नाराज हो गए,
छात्र ने पूछा कि आर्थिक संकट से उबरने के लिए फीसवृद्धि के रूप में छात्रों की जेब पर तो भार बढ़ा दिया, लेकिन वीसी ये बताएं कि इस संकट से उबरने के लिए फैकल्टी सदस्यों और पेंशनर्स का क्या योगदान है? उसके बाद एक अन्य छात्र ने कहा कि सवाल पूछना उनका अधिकार है, इस पर वीसी ने कहा कि वे अपने अधिकार की एक्सरसाइज यहां आडिटोरियम में न करें, बस इसी बात पर छात्रों ने हूटिंग शुरू कर दी।
वीसी को था पत्थरबाजी का डर
इस बारे में पीयू के वाइस चांसलर अरुण ग्रोवर ने कहा कि मीटिंग बहुत ही आराम से चल रही थी, लेकिन कुछ छात्रों ने माहौल खराब करने की नीयत से नारेबाजी कर हूटिंग शुरू की। हाल में माहौल काफी खराब हो गया था, शरारती तत्व उन पर व उनके स्टाफ पर पथराव भी कर सकते थे, इसलिए मीटिंग को तुरंत खत्म कर निकलना जरूरी था।