पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) की ओर से शिक्षकों वार्षिक सदस्यता शुल्क ढाई गुना बढ़ाने के मामले ने जबर्दस्त ढंग से तूल पकड़ लिया है। एक ओर पीयू ने साफ कह दिया है कि सैलरी शिक्षकों के पर्सनल जीवन से जुड़ी होती है, ऐसे में उनके वेतन से किसी प्रकार की कटौती नहीं जाएगी। हां अगर शिक्षक अनुमति देते हैं तो कटौती की जा सकती है।
वहीं, पुटा ने सख्त लहजे में कहा है कि सोमवार 9.30 बजे तक शिक्षक अपनी आपत्ति दर्ज कराएं अन्यथा शुल्क काटा जाएगा। जहां एक तरफ शिक्षकों ने राहत की सांस ली हुई वहीं, पुटा के संदेश से उनमें असमंजस की स्थिति है। ऐसे में पुटा के दोफाड़ होने की स्थिति से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। बता दें कि पुटा की जनरल बॉडी मीटिंग में वार्षिक सदस्यता शुल्क बढ़ाकर 200 से सीधे 500 कर दिया गया। इसको लेकर शिक्षकों में आक्रोश पनप गया। अचानक ढाई गुना शुल्क बढ़ाने की नौबत क्यों आई?
इसके लिए पुटा से पिछले वर्षों का हिसाब मांग लिया गया, लेकिन यह अभी तक नहीं दिया गया। हालांकि सालभर में हुए कार्यक्रमों का ब्योरा सभी को दे दिया गया। पुटा ने एफडीओ से कह दिया कि सदस्यता शुल्क शिक्षकों की सेलरी से काट लिया जाए। इसको लेकर शिक्षक और आक्रोशित हो गए। कुछ शिक्षकों ने कह दिया कि ऐसा किया गया तो वह नियमों का उल्लंघन होगा और पीयू को जवाब देना होगा।