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पुटा को लगा जोर का झटका, शिक्षकों की सैलरी से सीधे शुल्क नहीं काटेगी पंजाब यूनिवर्सिटी

Mon, 22 Jul 2019 10:36 AM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) की ओर से शिक्षकों वार्षिक सदस्यता शुल्क ढाई गुना बढ़ाने के मामले ने जबर्दस्त ढंग से तूल पकड़ लिया है। एक ओर पीयू ने साफ कह दिया है कि सैलरी शिक्षकों के पर्सनल जीवन से जुड़ी होती है, ऐसे में उनके वेतन से किसी प्रकार की कटौती नहीं जाएगी। हां अगर शिक्षक अनुमति देते हैं तो कटौती की जा सकती है।
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वहीं, पुटा ने सख्त लहजे में कहा है कि सोमवार 9.30 बजे तक शिक्षक अपनी आपत्ति दर्ज कराएं अन्यथा शुल्क काटा जाएगा। जहां एक तरफ शिक्षकों ने राहत की सांस ली हुई वहीं, पुटा के संदेश से उनमें असमंजस की स्थिति है। ऐसे में पुटा के दोफाड़ होने की स्थिति से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। बता दें कि पुटा की जनरल बॉडी मीटिंग में वार्षिक सदस्यता शुल्क बढ़ाकर 200 से सीधे 500 कर दिया गया। इसको लेकर शिक्षकों में आक्रोश पनप गया। अचानक ढाई गुना शुल्क बढ़ाने की नौबत क्यों आई?

इसके लिए पुटा से पिछले वर्षों का हिसाब मांग लिया गया, लेकिन यह अभी तक नहीं दिया गया। हालांकि सालभर में हुए कार्यक्रमों का ब्योरा सभी को दे दिया गया। पुटा ने एफडीओ से कह दिया कि सदस्यता शुल्क शिक्षकों की सेलरी से काट लिया जाए। इसको लेकर शिक्षक और आक्रोशित हो गए। कुछ शिक्षकों ने कह दिया कि ऐसा किया गया तो वह नियमों का उल्लंघन होगा और पीयू को जवाब देना होगा।
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पहले एफडीआर पेश करे पुटा

कुछ शिक्षकों ने बताया कि पुटा के खाते में कितनी रकम बची है, कितनी एफडीआर हैं, उनको सार्वजनिक किया जाए। यदि वाकई पुटा का खजाना खाली है तो शिक्षक उसे भरने के लिए शुल्क देंगे लेकिन पहले सही पांच लाख से अधिक रकम खाते में बताई जा रही है। ऐसे में शुल्क बढ़ाना ठीक नहीं है।

शिक्षकों को साढ़े नौ बजे तक का मौका
पुटा ने सभी शिक्षकों को मेल भेजकर कहा है कि यदि सेलरी से सदस्यता शुल्क काटने को लेकर किसी को कोई दिक्कत है तो वह अपनी आपत्ति सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे तक दर्ज कराएं। बताया जाता है कि शिक्षकों ने अभी तक आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। शिक्षकों का तर्क है कि वेतन उनके जीवन का हिस्सा है। वेतन पूरा उनके खाते मेें भेजा जाए और उसके बाद वह तय करेंगे कि सदस्यता शुल्क देंगे या नहीं। यदि कटौती कर ली गई तो कई शिक्षक विरोध में उतरेंगे और पुटा में दो फाड़ हो सकते हैं।

शिक्षकों के वेतन से उनकी अनुमति के बिना किसी प्रकार की कोई कटौती नहीं की जा सकती है। शिक्षक संदेश भेजकर यह बता देंगे कि शुल्क काट लिया जाए तभी कटौती होगी।
- प्रो. करमजीत सिंह, रजिस्ट्रार

वेतन से शुल्क कटौती को लेकर जिन शिक्षकों को कोई आपत्ति है वह सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे दर्ज करा सकते हैं। अन्यथा शुल्क कटौती होगी। यदि इसके बाद भी कोई शिक्षक विरोध करते हैं तो उनका शुल्क वापस हो जाएगा।
- प्रो. जेके गोस्वामी, सचिव पुटा
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