पंजाब यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव के लिए जोर-शोर से प्रचार जारी है। वहीं एसडी कॉलेज ने मनमानी करते हुए पहले ही प्रचार रोक दिया। जबकि प्रचार 4 सितंबर रात नौ बजे थम जाएगा। चुनाव से 48 घंटे पहले प्रचार-प्रसार बंद हो जाता है, उसी क्रम में इसके लिए अलार्म बजा दिया गया है, ताकि छात्र भी उसी के अनुसार अपनी तैयारी कर सकें।
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बुधवार को कुछ छात्र संगठन शक्ति प्रदर्शन करेंगे और रैली निकालेंगे। इसके लिए भी रूट तय किए गए हैं। मंगलवार को एबीवीपी ने दिन में प्रचार प्रसार शुरू किया। हॉस्टलों में भी वह रैली की शक्ल में पहुंचे। वहां छात्रों को घोषणा पत्र बांटा और अपने आगे की योजना रखी। एसएफएस की ओर से शाम को रैली का आयोजन किया गया।
उन्होंने भी अपनी उपलब्धियों के अलावा आगे की योजनाओं को विद्यार्थियों के सामने रखा। इसी तरह एनएसयूआई के पैनल ने भी सभी कक्षाओं में पहुंचकर वोट मांगे। सोई के पदाधिकारी भी इसी क्रम में वोट मांगते नजर आए। वहीं दूसरी ओर बुधवार को चुनाव प्रचार थम जाएगा, इसके कारण छात्र संगठनों ने पूरी ताकत झोक दी है।
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बुधवार के प्रचार के लिए विद्यार्थियों की टीमें भी बना दी गई हैं, प्रचार सुबह नौ बजे से शुरू कर सकेंगे।
एसडी कॉलेज की मनमानी, चुनाव से 72 घंटे पहले ही प्रचार पर रोक
एक ओर जहां शहर के सभी कॉलेजों में मंगलवार को छात्र संघ चुनाव प्रचार का जोर रहा, वहीं दूसरी ओर सेक्टर-32 स्थित एसडी कॉलेज में सन्नाटा पसरा रहा। इसका मुख्य कारण यह है कि कॉलेज के डीएसडब्ल्यू ने चुनाव से 72 घंटे पहले ही प्रचार पर रोक लगा दी है। स्टूडेंट्स को स्पीच, रैली, हाथ से लिखे स्टीकर चिपकाने आदि की इजाजत नहीं है। इस फरमान के जारी होने के बाद स्टूडेंट्स में जबर्दस्त रोष है। छात्र नेताओं ने इसको लेकर विरोध भी दर्ज किया।
छात्र नेताओं ने रोष जताते हुए कहा कि कॉलेज प्रबंधन मनमानी कर रहा है। 72 घंटे पहले किसी भी कॉलेज में चुनाव प्रचार नहीं थमता है। सांसद के चुनाव में भी 48 घंटे पहले प्रचार प्रसार पर रोक लगाई जाती है। मंगलवार को भी छात्र दलों को खुलकर प्रचार नहीं करने दिया गया। ओपन स्पीच पर भी बैन लगा दिया गया है। मंगलवार को जो भी स्टूडेंट हाथ से लिखे स्टीकर को लगा घूमता दिखाई दिया, उसे पुलिसकर्मियों ने रोका और छात्र दलों पर भी कार्रवाई करने की धमकी दी गई।
छात्र नेताओं ने कहा कि नियम कानून सभी कॉलेजों के लिए एक जैसे होते हैं। हर कॉलेज में मंगलवार को प्रचार हुआ। छात्र नेताओं ने कक्षाओं और कॉलेज के ग्राउंड में जाकर स्टूडेंट्स को संबोधित किया। एक छात्र नेता ने कहा कि नए स्टूडेंट्स स्टीकर्स आदि के माध्यम से प्रभावित होते हैं। प्रचार थमने को दो दिन बचे हैं, यही सोचकर सभी छात्र दलों ने तैयारी की थी लेकिन अचानक 72 घंटे पहले रोक लगा दी गई, यह ठीक नहीं है।
यही समय होता है जब हम स्टूडेंट्स के बीच जाकर अपनी बात रखते हैं। उन्हें अपने मुद्दों के बारे में बताते हैं, लेकिन ऐसे मौके पर कॉलेज ने ओपन स्पीच आदि सभी पर बैन लगा दिया है। सभी कालेजों में प्रचार हो रहे हैं, लेकिन हमारे कॉलेज में रोक है। - जाह्नवी सैनी, प्रेसिडेंट उम्मीदवार
72 घंटे पहले प्रचार बंद करने का नोटिस आया है। आज सुबह से ही पुलिसकर्मियों ने कोई भी पंफलेट या स्टीकर का इस्तेमाल करने नहीं दिया। स्टीकर लगाकर घूमने वाले स्टूडेंट्स को रोका गया। ऐसे में एक एक स्टूडेंट्स के पास जाकर ही बातचीत करनी पड़ रही है। - साहिल हरतला, प्रेसिडेंट उम्मीदवार
सुबह कॉलेज अथॉरिटी ने सभी के साथ मीटिंग की थी। हमें कहा गया कि अब कॉलेज में कोई स्पीच, रैली आदि नहीं होगी। 72 घंटे पहले सब बंद करना काफी अजीब है। सभी पार्टियों की तरफ से मंगलवार को सिर्फ वन-टू-वन कैंपेनिंग ही की गई है। - विवेक दहिया, प्रेसिडेंट उम्मीदवार
कॉलेज की तरफ से कई मामलों में मनमानी की जा रही है। कॉलेज प्रशासन की तरफ से एक पार्टी को लाभ पहुंचाया जा रहा है। सिर्फ एसडी कॉलेज में प्रचार 72 घंटे पहले बंद कर दिया गया है, जबकि सभी कालेजों में मंगलवार को भी प्रचार हुआ और बुधवार को भी है। - विनय देवसाल, प्रेसिडेंट उम्मीदवार
पंजाब यूनिवर्सिटी की तरफ से आए निर्देशों के मुताबिक 72 घंटे पहले किसी भी रैली, स्टीकर्स व स्लोगन पर बैन लगाया गया है। कैंपस में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो इसके लिए स्टूडेंट लीडर्स के साथ मीटिंग भी की गई है। - डॉ. अजय शर्मा, डीएसडब्ल्यू, एसडी कॉलेज-32