पीयू में कोड ऑफ कंडक्ट लग चुका है। रैली करने पर तो रोक है ही, साथ ही किसी भी तरह की प्रिंट सामग्री से भी प्रचार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में जब वीरवार को छात्र नेता अपनी छाती पर स्टिकर लगाकर घूम रहे थे तो पीयू प्रबंधन की तरफ से हटाने को कहा गया। क्योंकि नियम है कि कोड ऑफ कंडक्ट लगने के बाद प्रिंट के स्टिकरों से प्रचार नहीं किया जा सकता। छात्रों को हाथ से लिखी सामग्री इस्तेमाल करने केआदेश हैं।
डीएसडब्ल्यू प्रो. इमेनुअल नाहर ने सभी छात्र संघों के साथ बैठक कर उनको जरूरी दिशा-निर्देश के साथ चेतावनी भी दी गई है। उन्होंने छात्र संघों से शांति का माहौल कायम रखने का सहयोग मांगा। आउटसाइडर पर लगाम लगाने की कवायद को तेज करते हुए कई गाड़ियों को चेक किया गया और कई गाड़ियों से पोस्टर भी हटाए गए। पीयू प्रबंधन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई आउटसाइडर पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं पीयू में गाड़ी सिर्फ वही दाखिल होगी, जिस पर पीयू से जारी स्टिकर होगा। बैठक के दौरान इनसो से रमन ढाका ने सवाल उठाया कि सभी विभागों में स्टिकर नहीं है, तो उन्हें जवाब दिया गया कि छात्र केपास आई कार्ड होना चाहिए। गाड़ी में जिस पर आई कार्ड होगा, वही अंदर आएगा और जिसके पास आई कार्ड नहीं होगा, उसे पीयू केबाहर ही रहना होगा।
कोड ऑफ कंडक्ट नहीं माने छात्र संगठन
चंडीगढ़। पीयू से संबंधित कालेज में छात्र संगठन कोड ऑफ कंडक्ट लगने के बाद रूल नहीं मान रहे हैं। पीयू में गाड़ियों में छात्र पोस्टर चिपकाकर चल रहे हैं। वहीं स्टूडेंट्स सेंटर पर सभी छज्ञत्र संगठनों ने पार्टी के बैनर लगाकर घूमें इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है। इसमें एबीवीपी, पुसु, सहित अन्य पार्टियों के कार्यकर्ता पोस्टर लगाकर घूम रहे हैं।