पंजाब यूनिवर्सिटी की नई स्टूडेंट काउंसिल
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पंजाब यूनिवर्सिटी के नए सेशन से 10 फीसदी फीस बढ़ाए जाने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए स्टूडेंट काउंसिल ने दो टूक बात कह दी है। काउंसिल का कहना है कि फीस नहीं बढ़ने दी जाएगी। काउंसिल के प्रधान ने पीयू प्रबंधन को पत्र लिखकर कहा है कि वह और काउंसिल की सेक्रेटरी इस मसले पर प्रबंधन के साथ नहीं है। पत्र में कहा है कि प्रधान और सचिव चूंकि फीस बढ़ोतरी के हक में नहीं हैं, इसलिए पिछले दिनों फीस को लेकर हुई कमेटी की बैठक के मिनट्स पर साइन नहीं करेंगे।
दरअसल फीस कमेटी की मीटिंग के मिनट्स पर सहमति के लिए काउंसिल के प्रधान जशन कंबोज और सचिव वाणी सूद से सहमति मांगी गई थी। दोनों ने ही एक संयुक्त पत्र लिखकर जवाब दिया है कि न तो वे इस फैसले से सहमत हैं और न ही मिनट्स पर साइन करेंगे। पिछले दिनों फीस कमेटी की बैठक में तय हुआ था कि नए सेशन से नए स्टूडेंट्स के लिए दस फीसदी फीस बढ़ोतरी होगी, जबकि पुराने स्टूडेंट्स पर पांच फीसदी अतिरिक्त लिया जाएगा।
कमेटी ने इस फैसले पर मोहर बोर्ड ऑफ फाइनेंस के सुझाव के बाद लगाई थी। बोर्ड ऑफ फाइनेंस ने सुझाव रखा था कि पीयू को आर्थिक संकट से बचाने के लिए सालाना 10 से 12 फीसदी फीस बढ़ानी चाहिए, बजाए एकदम कई गुना फीस बढ़ाने के। इसी सुझाव पर फीस कमेटी ने काम किया और 10 और पांच फीसदी का रेशो तय किया गया।
फीस को लेकर हो चुका है बवाल
मौजूदा सेशन से पहले कई कोर्स की फीस अनियंत्रित ढंग से बढ़ा दी गई थी। इसको लेकर छात्र संगठनों ने विरोध जताया। नौबत पथराव और लाठीचार्ज तक आई। हालांकि इतने विरोध के बाद फीस बढ़ाने का प्रस्ताव टाल दिया गया था और बाद में 10 से 12 फीसदी फीस बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। इस पर भी अब सहमति नहीं बन रही है।
हम फीस बढ़ाने के हक में नहीं हैं। इसके लिए पत्र लिखकर बता दिया गया है। स्टूडेंट विरोधी किसी फैसले में काउंसिल साथ नहीं देगी।
- जशन कंबोज, अध्यक्ष, पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट काउंसिल