पंजाब यूनिवर्सिटी में बीडीएस और एमडीएस की फीस कम नहीं होगी। स्टूडेंट्स को नोटिस भेजकर 29 अक्तूबर तक हर हाल में फीस जमा करने को कह दिया गया है। नोटिस से स्टूडेंट्स की परेशानी बढ़ गई है। विद्यार्थियों को उमीद थी कि स्टूडेंट काउंसिल उनकी समस्या का निस्तारण कराएगी लेकिन वह भी एक बार आवाज उठाकर चुप हो गई। बीडीएस व एमडीएस सेल्फ फाइनेंस कोर्स हैं।
बीडीएस सेकेंड ईयर की फीस पहले 1,15,355 थी जो अब बढ़ाकर 1,23,175 कर दी गई है। 7820 रुपये अचानक बढ़ाए जाने से 100 से अधिक स्टूडेंट्स प्रभावित हो गए हैं। वहीं, एमडीएस की फीस में भी 44 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। एमडीएस की फीस बढ़कर अब 4.50 लाख रुपये तक पहुंच गई है। छात्रों ने स्टूडेंट काउंसिल तक मामला पहुंचाया तो विरोध प्रदर्शन हुआ लेकिन पीयू ने फीस कम नहीं की।
यह जरूर है कि फीस जमा करने की अंतिम तिथि दो से चार दिन बढ़ा दी गई है। छात्रों का कहना है कि बढ़ी फीस वह नहीं दे पाएंगे। पहले विश्वविद्यालय ने अपने प्रास्पेक्टस में यह नहीं दर्शाया था कि फीस दस फीसदी तक बीच में अचानक बढ़ा दी जाएगी। छात्रों में स्टूडेंट काउंसिल के खिलाफ भी गुस्सा है। उनका कहना है कि वोट लिए गए लेकिन उनकी समस्या समाधान की बारी आई तो हाथ खड़े कर दिए गए।
‘फीस बढ़ा रहे, सुविधाएं नहीं मिल रहीं’
छात्रों का कहना है कि लगातार फीस बढ़ रही है लेकिन एसी तक की सुविधा नहीं दी जा रही है। कई बार एसी की मांग भी की गई। बीडीएस व एमडीएस को प्राथमिकता भी पीयू की ओर से नहीं दिया जाता। केवल फीस लेने के लिए एडमिशन होते हैं। छात्रों का कहना है कि सेल्फ फाइनेंस कोर्स होने के बाद भी बीच सा में फीस बढ़ा दी गई है।