फीसवृद्धि को लेकर भले ही अभी तक हो-हल्ला शांत नहीं हुआ हो लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी अथारिटी ने ये संकेत दे दिए हैं कि पीयू की मौजूदा आर्थिक स्थिति देखते हुए अगले वित्त वर्ष में भी दस फीसदी तक फीस बढ़ोतरी की संभावनाएं प्रबल हैं। रिसर्च स्कॉलर विद्यार्थियों से रूबरू होते हुए पीयू के वीसी अरुण ग्रोवर ने खुद इस बात का जिक्र करते हुए विद्यार्थियों से इस मसले पर समर्थन की मांग की, ताकि वेंटिलेटर पर पहुंची पीयू की आर्थिक स्थिति को थोड़ा संभाला जा सके।
वीसी ने छात्रों को साफ कहा कि जब तक केंद्र, पंजाब और यूजीसी पीयू को अतिरिक्त ग्रांट नहीं देती, तब तक आर्थिक हालात में सुधार संभव नहीं है। ऐसे हालातों में फीसवृद्धि ही एकमात्र विकल्प था, अगर यह भी न हो तो पीयू को बंद करने की नौबत आ जाएगी इसलिए सीनेट ने फीसवृद्धि की सिफारिशें की है।
विद्यार्थियों ने सड़कों पर लिखे विरोधी नारे
फीसवृद्धि के खिलाफ छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। छात्रों ने अब विरोध का एक और तरीका चुन लिया है, जिसके अंतर्गत छात्र अब पीयू की सड़कों पर पेंट के जरिए नारे लिखकर फीसवृद्धि का विरोध कर रहे हैं। इन नारों में ‘पीयू अथारिटी मुर्दाबाद, पीयू में शिक्षा का कारोबार नहीं होने देंगे’, ‘फीसवृद्धि से छात्र रो रहा है, लेकिन पीयू प्रशासन सो रहा है’ इत्यादि नारे को छात्रों ने पेंट से सड़कों पर लिख दिया है। इसके लिए प्रदर्शनकारियों ने उन सड़कों को चुना है, जहां से वीसी एवं अन्य अफसरों व सीनेट सदस्यों की ज्यादा आवाजाही रहती है।