पंजाब यूनिवर्सिटी की हॉस्टल छात्राएं प्रशासन के खिलाफ बिगुल बजाए हुए हैं। इन दिनों सर्दी में हॉस्टल नंबर तीन के सामने विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। दिन रात यह प्रोटेस्ट जारी है। बढ़ती ठंड में टेंट में रह रहीं इन छात्राओं का हौसला समय बीतने के साथ और बुलंद होता जा रहा है। ये छात्राएं अपनी क्लास खत्म होने के बाद टेंट में आकर जम जाती हैं।
यहीं पढ़ाई करती हैं और प्रोटेस्ट में हिस्सा भी लेती हैं। छात्र संघ की प्रधान कनुप्रिया और छात्रा हसनप्रीत कौर इनका नेतृत्व करती हैं। शुक्रवार को प्रोटेस्ट का 12वां दिन था। छात्राओं की मांग है कि गर्ल्स हॉस्टल 24 घंटे खोला जाए। ताकि छात्राएं जब चाहे आ जा सकें। किसी तरह की पाबंदी नहीं होनी चाहिए। सर्दी चाहे जितना सितम हम पर करे, हम अपने कदम पीछे हटाने वाले नहीं हैं।
टेंट में ही सोती हैं छात्राएं
हॉस्टल गेट के एक किनारे छोटे से टेंट में ही ये छात्राएं सोती हैं। हसनप्रीत कौर ने बताया कि रात में ठंड बहुत होती है लेकिन जिस मकसद के लिए हम यहां डटे हैं, जब तक वह पूरा नहीं हो जाता, हम यहां से नहीं हटेंगे।
सर्दी भी नहीं डिगा सकती हमारा हौसला: कनुप्रिया
कनुप्रिया ने कहा कि यहां टेंट में रहना काफी मुश्किल है, लेकिन छात्राओं के हौसले बहुत बुलंद हैं। हम सिर्फ पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में ब्वायज की तरह आजादी चाहते हैं। समानता चाहते हैं। आजादी का मतलब गलत नहीं है तो क्यों हम पिंजरे की तरह बंद होकर रहें। हम टेंट में रहना बर्दाश्त कर सकते हैं लेकिन ऐसे गलत नियमों के साथ नहीं रह सकते।
हम पर समय की पाबंदी क्यों: आनंद प्रिया
छात्रा आनंद प्रिया ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी में ब्वॉयज हॉस्टल का कोई समय सुनिश्चित नहीं है। फिर छात्राओं को समय पर बंद किया जा रहा है। हमें समानता चाहिए। एक तरफ तो बड़े बड़े भाषण दिए जाते हैं कि लड़का लड़की एक समान हैं लेकिन हकीकत में ऐसा कहीं नजर नहीं आता।
आजादी चाहिए हॉस्टल में रहने की: बेनजीर
छात्रा बेनजीर ने कहा कि छात्राओं को बाहर घूमने फिरने के लिए आजादी नहीं चाहिए। उनको बस कैंपस में छात्राओं का हक चाहिए। वर्तमान समय में लड़कों लड़कियों का भेद को खत्म होना चाहिए। यदि शैक्षणिक संस्थानों में ही इस तरह की नीतियां अपनाई जाएंगी तो कहीं और से क्या उम्मीद की जा सकती है।
अपने हाथों से टेंट लगाया
24 घंटे हॉस्टल खुलवाने की मांग को लेकर डे नाइट प्रोटेस्ट के 12 दिन हो गए हैं। नाइट में ठंड के बाद इस टेंट को छात्राओं ने अपने आप ही लगाया है। वहीं छात्र काउंसिल की प्रधान कनुप्रिया के अनुसार इस मांग को लेकर अभी तक पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन का रवैये छात्राओं के प्रति उदासीन ही रहा है। इस मामले पर सोमवार को पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से डीन स्टूडेंट वेलफेयर की बैठक है।