कोरोना महामारी हर किसी के लिए नुकसानदायक साबित हुई। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ भी इससे नहीं बच सकी। आय प्रभावित होने के बाद अब इसका असर आगामी दिनों के बजट पर पड़ने जा रहा है। 2021-22 के बजट में पांच से आठ करोड़ रुपये तक की कटौती होगी जबकि हर साल के बजट में पांच फीसदी यानी लगभग 10 से 15 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होती थी। शारीरिक रूप से उपस्थित होकर जिस कार्य पर पैसा खर्च होता था, वह इस बार नहीं होगा। यानी पीयू की आय कम हुई तो अब खर्च भी अगले बजट में उसी के अनुसार किया जाएगा।
माना जा रहा है कि इस बार का बजट लगभग 580 करोड़ रुपये का होगा। कोरोना के कारण पीयू की सेक्टर-14 स्थित मार्केट तीन माह तक बंद रही। इस मार्केट के जरिये पीयू को हर साल लगभग पांच करोड़ रुपये किराया मिलता है। तीन माह बंद होने के कारण घाटा हुआ। इसके अलावा 40 से अधिक विभागीय कैंटीन व स्टूडेंट सेंटर पर दुकानें संचालित होती हैं, वे भी कोरोना में नहीं खुल पाईं। छह माह से ये दुकानें बंद हैं। इन दुकानों व कैंटीन से लगभग सात करोड़ रुपये सालाना कमाई होती है।
छह माह बंद होने के कारण साढ़े तीन करोड़ की आमदनी कम हुई। इसी तरह औद्योगिक इकाइयों से जुड़कर पीयू आय कमाती है, वह भी प्रभावित हुई। 20 हॉस्टलों के जरिये पीयू हर साल 30 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करती है। हॉस्टल पिछले छह माह से बंद हैं। ऐसे में यहां भी पीयू को बड़ा नुकसान हुआ। कई अन्य चीजों से भी होने वाली आमदनी में कमी आई।