कॉलेजों में दाखिले के लिए मारामारी
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कॉलेजों को मान्यता देने के नाम पर होने वाले खेल को बंद करने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ सख्त कदम उठाने जा रही है। इसके लिए पीयू प्रशासन ने नई नीति बनाई है। अब पीयू की इंस्पेक्शन टीम तभी कॉलेजों तक पहुंचेगी, जब वह सभी मानक पूरे कर लें। बाकायदा कॉलेजों को खुद कहना होगा उन्होंने मानक पूरे कर लिए हैं। इसके बाद ही इंस्पेक्शन टीम पहुंचेगी। पीयू से 212 कॉलेज मान्यता प्राप्त हैं। इन कॉलेजों में जब नया कोर्स शुरू किया जाना हो या कोई नई प्रक्रिया लागू होनी हो तो उससे पहले पीयू की इंस्पेक्शन टीम जाती है जो कुछ कमियों पर ऑब्जेक्शन लगा देती है।
इसके कारण पूरे सालभर उस कोर्स का संचालन नहीं हो पाता। सीनेट की बैठक में भी गंभीर आरोप लगे। यह भी कहा गया कि नया कॉलेज कोई खुलता है तो उसकेभी मानक पूरे न होने पर उन्हें मान्यता मिल जाती है। इंफ्रास्ट्रक्चर भी उनके पास नहीं हो पाता है। इसकेअलावा यह भी बात रखी गई थी कि कुछ कॉलेज मानक पूरे कर भी लेते हैं तो उन्हें मान्यता नहीं मिल पाती। इन सभी झंझटों को खत्म करने के लिए एक नई नीति बनेगी।
मानकों की जांच के बाद ही लगेगा ऑब्जेक्शन
सूत्रों का कहना है कि नई नीति के अनुसार कॉलेजों का निरीक्षण तभी होगा, जब वह खुद यह कह देंगे कि उन्होंने मानक पूरे कर लिए हैं। मानकों की जांच के बाद ही ऑब्जेक्शन लगाया जाएगा। खामियों को दुरस्त करने कार्य एक कमेटी करेगी। साथ ही इस पर सुझाव भी लिए जा सकते हैं। गौर हो कि सीनेट की बैठक में इसी मामले को लेकर विवाद हुआ था। उसके बाद वीसी प्रो. राजकुमार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रक्रिया को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था।
ऑनलाइन हुआ कॉलेजों का डाटा
पीयू की ओर से इन कॉलेजों का डाटा ऑनलाइन कराया जा रहा है। लगभग 80 फीसदी कॉलेजों का डाटा ऑनलाइन कर दिया गया है। इसमें कॉलेज भवन, जमीन के अभिलेख, कोर्स, स्टूडेंट की संख्या, शिक्षकों की संख्या, हर साल का रिजल्ट आदि शामिल हैं। इस डाटा को कोई भी व्यक्ति या जांच कमेटी देख सकेगी। यह सब पारदर्शिता के लिए किया गया है। कॉलेजों के प्राचार्यों के नंबर भी ऑनलाइन कर दिए गए हैं। यदि उनकी कोई शिकायत ऑनलाइन मिलेगी तो उसका समाधान भी ऑनलाइन ही होगा। शिक्षकों की समस्या समाधान को भी यही रास्ता अपनाया गया है। उन्हें पीयू दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।