पंजाब यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार करमजीत सिंह कहते हैं कि विश्वविद्यालय का पंजाब सरकार के साथ करार हुआ है। पंजाब के 550 सेवा केंद्रों के जरिये पीयू की सभी डिग्रियां व अन्य प्रमाण पत्र एक हफ्ते में मिलने शुरू हो जाएंगे। विद्यार्थी यहां निर्धारित शुल्क जमा करेंगे और तय दिनों में ही उन्हें प्रमाण पत्र आदि मिलेंगे। दूरदराज के विद्यार्थियों को इन प्रमाण पत्र के लिए पीयू नहीं आना होगा। इसके अलावा कई विभागों में तीसरी व चौथी मंजिल तक पहुंचने के लिए लिफ्ट लगाई जाएंगी। पीयू के भविष्य की प्लानिंग रजिस्ट्रार करमजीत सिंह ने अमर उजाला के साथ साझा की। पेश है उनसे बातचीत के अंश-
सवाल : डिग्री हो या डिप्लोमा या फिर विद्यार्थियों के अन्य कार्य। यह समय पर पूरा नहीं हो पाते। फाइलें इधर-उधर घूमती रहती हैं। विद्यार्थी परेशान होते हैं। यह समस्या लगातार बढ़ रही है। इसके लिए क्या हल निकाला जाएगा।
जवाब : पीयू में ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग सिस्टम शुरू होने जा रहा है। एक सॉफ्टवेयर डेवलप किया गया है, जो हर विभाग में अपलोड हो गया है। विद्यार्थी हो या शिक्षक, जिसकी भी समस्या की शिकायत या फाइल जहां से चलेगी वह ऑनलाइन करनी होगी। जिस विभाग या जहां-जहां वह फाइल जाएगी उसे विभाग अपलोड करेंगे। उसकी मॉनीटरिंग मैं करूंगा। साथ ही समस्या निस्तारण के लिए सॉफ्टवेयर में समय भी दर्शाया जाएगा।
सवाल : पीयू में वर्षों पुराना रिकॉर्ड है, जो पीला पड़ता जा रहा है। रखरखाव के लिए क्या प्रबंध किए गए हैं।
जवाब : पीयू की स्थापना से लेकर अब तक का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने की तैयारी है। कुछ वर्षों का रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिया है। डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। एक क्लिक में पूरा रिकॉर्ड सामने होगा।