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550 सेवा केंद्रों से मिलेंगी पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की डिग्रियां और प्रमाण पत्र: करमजीत सिंह

Thu, 10 Jan 2019 12:08 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार
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पंजाब यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार करमजीत सिंह कहते हैं कि विश्वविद्यालय का पंजाब सरकार के साथ करार हुआ है। पंजाब के 550 सेवा केंद्रों के जरिये पीयू की सभी डिग्रियां व अन्य प्रमाण पत्र एक हफ्ते में मिलने शुरू हो जाएंगे। विद्यार्थी यहां निर्धारित शुल्क जमा करेंगे और तय दिनों में ही उन्हें प्रमाण पत्र आदि मिलेंगे। दूरदराज के विद्यार्थियों को इन प्रमाण पत्र के लिए पीयू नहीं आना होगा। इसके अलावा कई विभागों में तीसरी व चौथी मंजिल तक पहुंचने के लिए लिफ्ट लगाई जाएंगी। पीयू के भविष्य की प्लानिंग रजिस्ट्रार करमजीत सिंह ने अमर उजाला के साथ साझा की। पेश है उनसे बातचीत के अंश-
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सवाल : डिग्री हो या डिप्लोमा या फिर विद्यार्थियों के अन्य कार्य। यह समय पर पूरा नहीं हो पाते। फाइलें इधर-उधर घूमती रहती हैं। विद्यार्थी परेशान होते हैं। यह समस्या लगातार बढ़ रही है। इसके लिए क्या हल निकाला जाएगा।
जवाब
: पीयू में ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग सिस्टम शुरू होने जा रहा है। एक सॉफ्टवेयर डेवलप किया गया है, जो हर विभाग में अपलोड हो गया है। विद्यार्थी हो या शिक्षक, जिसकी भी समस्या की शिकायत या फाइल जहां से चलेगी वह ऑनलाइन करनी होगी। जिस विभाग या जहां-जहां वह फाइल जाएगी उसे विभाग अपलोड करेंगे। उसकी मॉनीटरिंग मैं करूंगा। साथ ही समस्या निस्तारण के लिए सॉफ्टवेयर में समय भी दर्शाया जाएगा।
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सवाल : पीयू में वर्षों पुराना रिकॉर्ड है, जो पीला पड़ता जा रहा है। रखरखाव के लिए क्या प्रबंध किए गए हैं।
जवाब :
पीयू की स्थापना से लेकर अब तक का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने की तैयारी है। कुछ वर्षों का रिकॉर्ड ऑनलाइन कर दिया है। डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से चल रहा है। एक क्लिक में पूरा रिकॉर्ड सामने होगा।
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सवाल : कई साल से शिक्षक, कर्मचारियों के पद रिक्त हैं। इसके कारण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
जवाब :
नॉन टीचिंग के 150 से अधिक पद रिक्त हैं। शिक्षकों के पद भी कुछ खाली हैं। एमएचआरडी से अभी भर्ती पर रोक लगी है। भर्ती शुरू करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही इसमें सफलता मिलेगी।

सवाल : सिंडिकेट व सीनेट की बैठक के एजेंडे पर ही साल के 50 लाख से अधिक रुपये खर्च हो रहे हैं। यह रकम क्या बचाई जा सकती है।
जवाब :
सिंडिकेट की बैठक के लिए एजेंडे की हार्ड कॉपी जरूरी है, लेकिन सीनेट के लिए हार्ड कॉपी की जगह मेल सिस्टम लागू किया जा सकता है। इसके लिए प्लानिंग चल रही है। जितना हो सकेगा बजट सेव किया जाएगा।

सवाल : पीयू कई रैंकिंग में पिछड़ा है। सुधार के लिए क्या किया जा रहा है।
जवाब :
एकेडमिक स्तर से लेकर रिसर्च तक स्थिति दुरुस्त की जा रही है। इनका संचालन बेहतर होगा। साथ ही परिणाम में अच्छे आ रहे हैं। स्वच्छता रैंकिंग के लिए गीला व सूखा कूड़ा अलग करवाकर उनका बेहतर प्रबंधन किया जा रहा है। अगली रैंकिंग तक हम बाजी मारेंगे।

सवाल : कई कर्मचारी स्थायीकरण के इंतजार में ही रिटायर हो गए। कई इस लाइन में हैं।
जवाब :
यह बात सही है, लेकिन जल्द ही स्थायीकरण को कदम आगे बढ़ाए जाएंगे। साथ ही सुरक्षा के लिए 84 गार्ड भी तैनात होंगे।

सवाल : परिसर में कारों का जमावड़ा अधिक हो गया है। ध्वनि और वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।
जवाब :
कार फ्री परिसर करने के लिए कमेटियों की बैठक हुई हैं। रास्ते निकाले जा रहे हैं। पीयू के गेटों के पास ही पार्किंग बनाए जाने की योजना है।
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