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निरफ रैंकिंग में टॉप टेन में आने की पंजाब यूनिवर्सिटी की उम्मीदों को लग सकता है झटका, जानिए कैसे

Mon, 11 Mar 2019 12:29 PM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (निरफ) रैंकिंग में पंजाब यूनिवर्सिटी के टॉप टेन में आने की उम्मीदों को झटका लग सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि यहां यंग फैकल्टी की काफी संख्या है। ऐसे में यंगस्टर शिक्षकों को रैंकिंग में कम अंक मिलेंगे। केंद्र सरकार द्वारा जारी होने वाली निरफ रैंकिंग इस बार भी 5 से 8 अप्रैल के मध्य जारी होगी। पिछले साल पीयू को ओवरआल रैंक में 43वां स्थान मिला था। सभी प्रकार के विश्वविद्यालयों की सूची में 20वां और स्टेट यूनिवर्सिटी में तीसरा स्थान हासिल हुआ था। पीयू ने इस बार टॉप टेन में आने की जोर शोर से तैयारी की है।
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उसी के मुताबिक मानकों को भी पूरा किया गया है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण मानक शिक्षकों के अनुभव का है। यदि शिक्षक 15 साल से अधिक अनुभवी हैं तो उन्हें दो और उससे अधिक अनुभवी होने पर तीन अंक मिलते हैं। यह अनुभवी शिक्षक कला संकाय में सर्वाधिक हैं। वहीं पांच से छह साल वाले अनुभवी शिक्षक साइंस के नए कोर्सेज में हैं। ऐसे में उनको शून्य या एक अंक दिया जाता है। जानकारों का कहना है कि ऐसे में एक भी एक अंक कम हुआ तो रैंक बहुत पीछे हो जाती है।

ये रहा पिछले वर्षों का रिकॉर्ड
वर्ष 2017 में आईआईएस बैंगलुरु को पहला स्थान मिला था। उसके बाद आईआईटी मद्रास, आईआईटी बांबे, आईआईटी खरकपुर, आईआईटी दिल्ली और जेएनयू आगे रहे थे। पीयू को 43.13 अंक मिले थे। रैंकिंग भी 54वीं मिली थीं। इसी तरह वर्ष 2016 में आईआईएस बैंगलुरु पहले स्थान पर आया। जेएनयू को तीसरा स्थान मिला। डीयू छठे व बीएचयू सातवें स्थान पर रहा। वहीं पीयू 76.02 अंक पाकर 12वें स्थान पर आया।
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सेलरी स्ट्रैक्चर से भी लग सकता है झटका

निरफ के अनुसार मध्यम सेलरी स्ट्रैक्चर 75000 हजार होता है। ऐसे में यह सेलरी देकर जो विश्वविद्यालय 500 शिक्षकों को नौकरी देते हैं उन्हें निरफ अच्छे अंक देता है। लेकिन यदि 60 हजार सेलरी देकर 1100 शिक्षकों को नौकरी दी तो उन्हें कम अंक मिलते हैं। यही पीयू ने  किया है। सामाजिक पहलू से तो पीयू को इस बिंदु पर अच्छे अंक मिलने चाहिए, क्योंकि रोजगार अधिक लोगों को दिया गया है लेकिन निरफ इससे संतुष्ट नहीं हो रहा है।

इन बिंदुओं पर होती है रैंकिंग
- तकनीकी शिक्षण एवं रिसोर्सेज
- रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस
- ग्रेजुएशन आउटकम आउटरीच
- परसेप्शन
- रिसर्च इनोवेशन
- एकेडमिक, पब्लिक परसेप्शन

जहां कमियां आएंगी सुधार होगा
निरफ रैंकिंग के डाटा अपलोड कर दिए गए हैं। उम्मीद है कि बेहतर रिजल्ट आएगा और जहां पर भी कमियां होंगी उनमें सुधार किया जाएगा।
- डॉ. आशीष जैन, निदेशक, आईक्यूएसी
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