पंजाब यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव शांतिपूर्ण करवाना यूटी की नई एसएसपी व नए थाना प्रभारी के लिए बड़ी चुनौती है। छात्रसंघ चुनावों में हिंसा भड़कने की काफी आशंका रहती है, इस लिहाज से शांतिपूर्ण चुनाव करवाना इन दोनों अधिकारियों के लिए अग्नि परीक्षा से कम नहीं। चुनाव के दौरान कोई हिंसा न हो इसके लिए रणनीति बनाने और जरूरी निर्देश जारी करने में डीएसपी व एसएसपी की प्रमुख भूमिका रहती है। जबकि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का सीधा जिम्मा थाना प्रभारी का होता है। हालांकि, यूटी पुलिस के कई अधिकारी चुनावी ड्यूटी में रहते हैं।
पीयू छात्रसंघ चुनाव करवाने में पुलिस तैनाती के साथ ही कानूनी दांव-पेच की रणनीति, पीयू प्रशासन से तालमेल और दिशानिर्देश का दौर अहम होता है। इसके अलावा छात्र संगठनों के पुराने प्रभावी नेताओं तक पकड़ और छात्र नेताओं में डर व विश्वास की भावना जगाना भी मायने रखता है। कई बार आपसी तालमेल नहीं बैठने व प्रभावी व्यक्ति के बातचीत न हो पाने के चलते माहौल बिगड़ जाता है।
बात करें तो यूटी की नई महिला एसएसपी निलांबरी विजय जगदाले का वर्ष 2014 लोकसभा चुनाव और वर्ष 2017 के पंजाब एसेंबली चुनाव में ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट कार्य रहा है। इससे साफ है कि चंडीगढ़ की पहली महिला एसएसपी चुनावी माहौल पर नियंत्रण रखने में माहिर है। फिर सेक्टर-11 के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर लखवीर सिंह भी काफी समय से यूटी पुलिस में कार्यरत है। संबंधित थाने की दो चौकियों में वे प्रभारी रह चुके हैं और पीयू चुनाव की तैयारियां, वहां की सुरक्षा व चुनावी माहौल को संभालने में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
ये होंगी पुलिस के सामने चुनौतियां..
PU Elections 2017
शांति व सौहार्दपूर्ण चुनाव हमारी पहली प्राथमिकता: एसएसपी
यूटी की एसएसपी निलांबरी विजय जगदाले के अनुसार पीयू प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जाएगा। वहां की सिक्योरिटी, लॉ एंड ऑर्डर, आउटसाइडर और हिंसा फैलाने वाले आशंकित लोगों पर पूरी नजर रहेगी। किसी ने नियमों को तोड़ा तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगी। पीयू चुनाव को शांति व सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराना उनकी पहली प्राथमिकता है।
लॉ एंड आर्डर के अंडर में रहेगी चुनावी प्रक्रिया- थाना प्रभारी
सेक्टर-11 के थाना प्रभारी लखवीर सिंह के अनुसार पूरी चुनावी प्रक्रिया लॉ एंड आर्डर के अंडर में रहेगी। चुनावी माहौल में सभी छात्र संगठनों को कानून की पूरी पालना करनी होगी। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के नेतृत्व में निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव कराने को वे पूरी तरह तैयार है।
ये होंगी पुलिस के सामने चुनौतियां..
1- पीयू प्रशासन से सुरक्षा संबंधी निर्देश लागू करवाना
यूटी पुलिस सुरक्षा के लिहाज से पीयू प्रशासन के अंडर में आने वाली सिक्योरिटी विंग को निर्देश जारी करती है। लेकिन तुरंत हामी भरने वाली सिक्योरिटी विंग से निर्देशों को लागू करवाना भी बड़ी चुनौती होता है। कुछ निर्देशों पर तुरंत काम शुरू हो जाता है तो कुछ चुनाव बाद भी ठंडे बस्ते में बंद ही रहते हैं। पीयू के पिछले चुनावी निर्देशों में कुछ का लागू न होना इसका प्रमाण है।
Pu Elections 2017
2- आईकार्ड का इस्तेमाल और आउटसाइडर पर रोक
यूटी पुलिस का निर्देश होता है कि सभी स्टूडेंट अपने आईकार्ड व रेजिडेंट्स स्टीकर लगाकर चलें। ताकि उपद्रव मचाने की मंशा से घुसपैठ करने वाले आउटसाइडर्स पर पूरी तरह से बैन लगाया जा सके।
3- हॉस्टलों में पहुंचने वाली शराब, बीयर पर पाबंदी
पुलिस के लिए पहले से हॉस्टलों में मौजूद आउटसाइडर पर लगाम कसना, वहां बीयर, शराब की बोतलों की पहुंच पर पाबंदी लगाना की बड़ी चुनौती होती है। हालांकि, चुनावी तारीख से पहले थाना पुलिस देर रात अचानक हॉस्टलों की चेकिंग व आउटसाइडरों की गिरफ्तारियां करती रहती है।
4- तीसरी आंख, यानी खराब या कमजोर स्मार्ट कैमरे
पंजाब यूनिवर्सिटी में पहले से करीब 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। लेकिन, कुछ कैमरे हमेशा खराब रहते हैं और बाकी चलने वाले भी स्मार्ट नहीं है। ऐसे कैमरे जिनमें गेट से निकले वाली गाड़ियों के नंबर व पहचान तक कैद करने की क्षमता है तो पुलिस उन कैमरों से कैसे मदद लेंगी? साल 2016 के चुनावी दौर में यूटी पुलिस ने सभी गेट पर नंबर ट्रैक करने वाले स्मार्ट कैमरे लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन वे आज तक नहीं लग पाए हैं।