पंजाब यूनिवर्सिटी पर मंगलवार को धनवर्षा हुई। बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में शांतिपूर्वक 586.28 करोड़ रुपये का बजट पास हो गया। पिछले साल की अपेक्षा छह फीसदी बजट अधिक है। यह आंकड़ा वर्ष 2019-20 में 564.52 करोड़ था। पीयू को 247.49 करोड़ रुपये मानव संसाधन विकास मंत्रालय देगा। वहीं पंजाब सरकार 38.15 करोड़ रुपये देगी।
पीयू वीसी प्रो. राजकुमार की अध्यक्षता बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक हुई। इस दौरान सर्वसम्मति से सभी प्रस्ताव पास हो गए। यूटी व पंजाब सरकार के अधिकारियों ने तीन से चार बिंदुओं पर री-एग्जामिन करने के लिए कहा है। इसमें एक शिक्षक का यूजीसी स्केल प्रकरण, लाइब्रेरी असिस्टेंट की सैलरी, कुछ सीनियर कर्मियों को कम वेतन दिए जाने के मामले शामिल हैं।
मिनिस्टीरियल स्टाफ से होने वाली वसूली को लेकर पीयू अभी पंजाब सरकार को एक और पत्र लिखेगा। यदि सरकार चाहेगी तो इन कर्मियों को जो लाभ व भत्ते मिल रहे हैं वह बरकरार रहें। बैठक में हर बार हंगामा होता है, लेकिन बताया जाता है कि इस बार बैठक शांतिपूर्ण रही है। किसी भी पक्ष में कोई आपत्तियां दायर नहीं कीं।
इस बार स्टूडेंट वेलफेयर के लिए अलग से बजट का प्रावधान नहीं किया गया। हर आइटम में से ही कुछ रकम अलग से आवंटित किए जाने की योजना है।
यहां से पीयू को होगी आय
कार्य धन
फीस ऑफ एग्जामिनेशन 157.50 करोड़
सेल्फ फाइनेंस विभागों की आय 61 करोड़
ट्रेडिशनल टीचिंग डिपार्टमेंट्स 13.29 करोड़
यूसोल से आय 15.60 करोड़
रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट व सीईटी फीस 23.26 करोड़
इनकम फ्रॉम हॉस्टल्स 11 करोड़
स्पोर्ट्स फीस 4.43 करोड़
अन्य आय 10.31 करोड़
यहां होगा खर्च
आइटम बजट
सैलरी 368.86 करोड़
रिटायरमेंट बेनिफिट 19.76 करोड़
पेंशन 89.54 करोड़
मेडिकल सुविधा 5.66 करोड़
बुक्स एंड जर्नल पब्लिकेशन 10.02 करोड़
टीचिंग एंड रिसर्च 3.38 करोड़
स्कॉलरशिप, फेलोशिप 4.89 करोड़
एग्जामिनेशन 33.85 करोड़
ऑफिस एंड अन्य एक्सपेंडिचर 10 करोड़
बिजली एवं पानी 10.69 करोड़
रनिंग रिपेयर 3.49 करोड़
अनुअल रिपेयर 11.11 करोड़
रिफंड ऑफ फीस 27 लाख
हॉस्टल खर्च 8.87 करोड़
स्पोर्ट्स खर्च 4.52 करोड़