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बड़ा झटकाः पीयू प्रशासन का छात्राओं को दो टूक जवाब, 24 घंटे नहीं खुलेंगे गर्ल्स हॉस्टल

Tue, 13 Nov 2018 02:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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लड़कियों का विरोध प्रदर्शन
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गर्ल्स हॉस्टल 24 घंटे खुलवाने की मांग पर पीयू प्रशासन ने चुप्पी तोड़ी और दो टूक कहा कि वह हॉस्टल के खुलने के समय को बढ़ा रहे हैं, लेकिन 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल नहीं खोल सकते। इससे पीयू स्टूडेंट काउंसिल को झटका लगा है। हालांकि काउंसिल के कुछ पदाधिकारियों ने पीयू प्रशासन की जुबान को सही माना और समर्थन कर दिया। अब एसएफएस अकेली पड़ गई है लेकिन, उन्होंने एलान कर दिया कि प्रोटेस्ट डे नाइट जारी रहेगा। हालांकि एसएफएस के समर्थन में आइसा, पीएसयू ललकार आदि संगठन जरूर खड़े हैं। 14 दिन से स्टूडेंट यूनियन डे नाइट प्रोटेस्ट कर रहा है।
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छात्राओं के गर्ल्स हॉस्टल 24 घंटे खुलने चाहिए। आंदोलन हुए। धरना-प्रदर्शन चले। वीसी आवास भी घेरा और तोड़फोड़ भी हुई, लेकिन पीयू प्रशासन ने अपना पत्ता नहीं खोला। सोमवार को पीयू प्रशासन ने स्टूडेंट काउंसिल की अध्यक्ष कनुप्रिया, वाइस प्रेसीडेंट दलेर सिंह व अन्य पदाधिकारियों के साथ शाम को बैठक बुलाई। अध्यक्ष कनुप्रिया ने अपनी बात रखी। 24 घंटे हॉस्टल खोले जाएं। इस पर पीयू प्रशासन ने कहा कि छात्राओं की मांग को देखते हुए ही उन्होंने हॉस्टल खुलने के समय में रियायत दी है। सर्दियों में छात्राएं रात दस बजे तक हॉस्टल में प्रवेश कर सकती हैं। वहीं गर्मियों में यह समय बढ़कर 11 बजे हो जाएगा।

एक से दो घंटे सीजन के मुताबिक हॉस्टल खुलने का समय बढ़ाया गया है। पहले यह समय रात नौ बजे तक था। पीयू प्रशासन की यह बात अध्यक्ष ने काट दी। कहा कि जब समय ही बढ़ाया जा रहा है तो फिर 24 घंटे हॉस्टल क्यों नहीं खोले जा सकते? कई तर्क प्रस्तुत किए। इसी बीच वाइस प्रेसीडेंट दलेर सिंह बोल पड़े। उन्होंने पीयू प्रशासन के इस समय का समर्थन कर दिया। दो अन्य पदाधिकारी भी पीयू प्रशासन के समर्थन में खड़े हो गए। उसके बाद अधिकारी गदगद हो गए और आखिर में फैसला सुना दिया कि गर्ल्स हॉस्टल 24 घंटे नहीं खोले जा सकते। बैठक में डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर व सभी वार्डन मौजूद रहे।
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ये भी लिए गए निर्णय
- हॉस्टल खुलने के गर्मियों व सर्दियों के समय में किया गया बदलाव
- एमफिल, पीएचडी, एमटेक आदि स्टूडेंट्स के लिए हमेशा खुले रहेंगे हॉस्टलों के द्वार
- यदि दस दिन तक छात्राएं हॉस्टल में लेट पहुंचती हैं तो उन पर फाइन पड़ेगा, पहले यह चार दिन लेट पहुंचने पर लागू था।
- छात्राएं लाइब्रेरी व विभागीय लैब में 24 घंटे जा सकती हैं।
- हर महीने वार्डन जनरल बॉडी की मीटिंग बुलाएंगे और छात्राओं की राय भी ली जाएगी।

टूट गई काउंसिल
जिसका संदेश था वही हुआ। स्टूडेंट काउंसिल व छात्र संगठनों की बदौलत प्रोटेस्ट चल रहा था, लेकिन पीयू प्रशासन ने उनकी एकता पर प्रहार किया और स्टूडेंट काउंसिल के पदाधिकारी तोड़ दिए। फूट डाल दी गई। हालांकि पीयू प्रशासन के पक्ष में खड़े पदाधिकारी कहते हैं कि वह पहले भी 24 घंटे हॉस्टल खुलवाने के पक्ष में नहीं थे। अब एसएफएस व अन्य छात्र संगठन इस लड़ाई को आगे बढ़ाने का दावा कर रहे हैं। आइसा अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा है कि वह एसएफएस के साथ हैं।

स्टूडेंट्स की मांगों के साथ काउंसिल के कुछ पदाधिकारी नहीं खड़े हुए। बैठक में वाइस प्रेसीडेंट ने पीयू प्रशासन का साथ दिया। उन्हीं की भाषा बोली, लेकिन छात्राओं के हक की लड़ाई इससे थमने वाली नहीं है। प्रोटेस्ट आगाज कार्यक्रम में तो जाएगा ही, इसके अलावा आगे भी चलेगा। रणनीति बनाई जा रही है। छात्राओं की हर मांग पूरी करवाकर ही दम लेंगे। पीयू प्रशासन पूरी तरह खुलकर नहीं बोल रहा है।
- कनुप्रिया, अध्यक्ष, पीयू स्टूडेंट काउंसिल

हम पहले भी 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खुलवाने के पक्ष में नहीं थे, फिर भी कुछ छात्राओं की मांग को देखते हुए पीयू प्रशासन ने हॉस्टल खुलने का समय बढ़ा दिया है। यह छात्राओं के हित में है। हम सर्वे भी करवा रहे हैं। यदि छात्राओं का बहुमत आएगा तो उनका भी पक्ष पीयू प्रशासन के सामने रखेंगे।
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- दलेर सिंह, वाइस प्रेसीडेंट, पीयू स्टूडेंट काउंसिल
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