पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ का स्टूडेंट सेंटर अपनी खूबसूरती के लिए देशभर में मशहूर है। यह अपनी बनावट समेत कई खूबियां अपने में समेटा हुआ है। 15 साल पहले इसका स्वरूप बदल दिया गया। लेकिन अब इसे हेरिटज भवन बनाने के लिए पुराने रूप में ढाला जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो चुकी है। इसके नीचे बनाई गई दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। आजादी के बाद फ्रेंच आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए ने 1960 में पीयू में स्टूडेंट सेंटर की स्थापना कराई।
यह सेंटर अपने में अलग था। पीयू की पहचान ही इसके जरिये होती है। चाहे नेट हो या फिर कागजों में फोटो, इसी के जरिये लोग पीयू को पहचानते हैं। यह भवन 60 साल पुराना है। इस सेंटर के नीचे साइकिल स्टैंड होता था। चारों ओर से यह खुला हुआ था। नीचे से लोग भी आसानी से निकल सकते थे। पिलर पर यह भवन खड़ा था लेकिन लगभग 15 साल पहले इसका नक्शा ही बदल दिया गया। पार्किंग को खत्म कर दिया गया। चारों ओर से कवर्ड कर दिया गया।
इसमें एटीएम, कॉफी हाउस, खाना खजाने की दुकानें आदि खोल दी गईं। अब पीयू कुछ वर्षों से चार भवनों को हेरिटेज की श्रेणी में लाने की तैयारी कर रहा है। इसमें गांधी भवन, एसी जोशी लाइब्रेरी, एडमिन ब्लॉक व स्टूडेंट सेंटर हैं। यह हेरिटेज भवन तभी बन सकते हैं जब यह मूलरूप में होंगे। एडमिन ब्लाक, गांधी भवन व लाइब्रेरी तो उसी रूप में हैं, लेकिन स्टूडेंट सेंटर का मूलरूप बदल दिया गया। अब इसे फिर से पुराने रूप में लाने की तैयारी की जा रही है।
वीसी ने सेंटर में दुकानें देखी तो हैरत जताई, हटाने के दिए आदेश
दो दिन पहले वीसी प्रो. राजकुमार ने स्टूडेंट सेंटर का दौरा किया। स्टूडेंट सेंटर के नीचे संचालित दुकानें देख उन्होंने हैरत जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि सेंटर ऐसे चला तो यह हेरिटेज नहीं बन पाएगा। भवन में कमर्शियल गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए कि संचालित दुकानों को अन्य जगह स्थापित किया जाए।
साथ ही इसे पुराने रूप में लाने की तैयारी की जाए। यह भी कहा गया कि लटके हुए तारों को ठीक किया जाए। साथ ही यहां खड़े वाहनों को भी हटाने के आदेश दिए गए। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने इस पर मंगलवार से कार्रवाई शुरू कर दी है। दुकानों को अन्य जगह स्थापित करने के लिए जगह देखी जाने लगी है।