पंजाब यूनिवर्सिटी के दसवां गर्ल्स हॉस्टल, जिसे नीरजा भनोट का नाम दिया गया है, अगले महीने तक पूरी तरह तैयार हो जाएगा। हालांकि हॉस्टल बन चुका है, लेकिन उसमें लिफ्ट लगाने का काम चल रहा है। ऐसे में पीयू प्रबंधन कोई जल्दबाजी ना करते हुए सभी काम खत्म होने के बाद ही अलाटमेंट करेगा। इस हॉस्टल के शुरू होने से करीब 400 ऐसी छात्राओं को फायदा होगा, जो वेटिंग लिस्ट में हैं।
यूनिवर्सिटी कैंपस में करीब तीन साल से इस हॉस्टल को बनाने का काम चल रहा है। हालांकि पहले इसका निर्माण कार्य पूरा होने की डेडलाइन पिछले साल अगस्त में थी, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। फिर मामला दिसंबर तक चला गया। हालांकि दिसंबर तक निर्माण कार्य तो पूरा हो गया, लेकिन इसमें जो लिफ्ट की व्यवस्था की गई है, उसका काम एक सप्ताह पहले ही शुरू हुआ है। इस काम में करीब एक माह और लगेगा और उसके बाद इसे अलाट कर दिया जाएगा। पीयू प्रबंधन का मानना है कि लिफ्ट के काम के कारण छात्राओं को कोई दिक्कत ना हो, इसके चलते ही कुछ दिन और इंतजार करना होगा।
इस हॉस्टल को नीरजा भनोट का नाम देने पर मोहर पिछले साल अगस्त में हुई सिंडिकेट बैठक में लगी थी। नीरजा भनोट से सभी वाकिफ हैं। नीरजा ने 1986 में आतंकियों से भिड़ते हुए अपनी जान गवां दी थी, क्योंकि जिस जहाज में वे तैनात थीं, उसे हाईजैक कर लिया गया था। उनकी जिंदगी पर फिल्म भी बन चुकी है। चूंकि नीरजा भनोट इसी शहर से थी, तो पीयू की सिंडिकेट ने उनका नाम हास्टल को देने का प्रस्ताव पास किया था।
...पुराने हॉस्टलों में रेनोवेशन भी होगी शुरू
यूनिवर्सिटी में पुराने बने हॉस्टलों की रेनोवेशन का काम भी जल्द ही शुरू हो जाएगा। क्योंकि पिछली बोर्ड आफ फाइनेंस मीटिंग में रेनोवेशन के लिए तीन करोड़ रुपये पास हुए थे। ऐसे में सभी वार्डन को उनके हास्टल की दिक्कतें सूचिबद्ध करने के लिए कहा गया है। सभी खामियों की सूची तैयार कर रेनोवेशन शुरू होगी। हालांकि पुराने हॉस्टलों में मुख्य तौर पर बाथरूम की लीकेज, टूटे दरवाजे और खिड़कियां और बिजली की तारों की समस्या है। पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल के संयुक्त सचिव करन रंधावा ने बताया कि उन्होंने सौ से भी ज्यादा शिकायतें जमा कर पीयू प्रबंधन को दी थी। सभी पुराने हॉस्टलों को इस वक्त रेनोवेट करने की सख्त जरूरत है।