स्कूल स्टूडेंट्स के लिए बड़े काम की खबर है। अब किताबें ऑनलाइन पढ़ी जा सकती हैं और नए सेशन यह सुविधा शुरू हो रही है। पंजाब सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए एक अप्रैल को शुरू होने जा रहे शैक्षणिक सत्र में स्कूली विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन अधिक से अधिक पाठ्य पुस्तकों को बेवसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध करवाने का फैसला किया है।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की अहम बैठक के बाद जारी बयान में शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी ने यह जानकारी दी। अरुणा चौधरी ने कहा कि कैप्टन सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अहम सुधार लाने के लिए प्रयत्नशील है, जिसके तहत कई कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने विभाग के अधिकारियों को आदेश दिया कि पहली से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों की लगभग 350 पुस्तकों में यदि कोई तबदीली की जरूरत है तो उसे शीघ्र पूरा कर छपाई के काम में तेजी लाई जाए ताकि विद्यार्थियों को पुस्तकें सेशन शुरू होते ही मिल सकें।
बच्चों का निरंतर बौद्धिक और मानसिक विकास होगा
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्कूली पुस्तकें इस प्रकार की होनी चाहिए, जिनसे बच्चों का निरंतर बौद्धिक और मानसिक विकास होने के साथ-साथ समाज के बराबरी का दर्जा बने ताकि बच्चों का दरपेश चुनौतियों का सामना करने के काबिल बनाया जा सके।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पुस्तकें जहां ऑनलाइन उपलब्ध करवाने से विद्यार्थी तकनीक से जुड़ेंगे, वहीं सभी विषयों की पुस्तकें व पाठ्यक्रम कंप्यूटर के एक सिंगल विंडो में ही सरल ढंग से उपलब्ध हो जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इन पुस्तकों को डाउनलोड कर पुस्तक के रूप में छपवाने के लिए केवल शिक्षा बोर्ड ही अधिकृत होगा। कोई अन्य यह कार्य नहीं कर सकता। शिक्षा बोर्ड की ओर से अब तक प्रकाशित की जा रही पुस्तकों में पंजाबी साहित्य, संस्कृति, धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक, पर्यावरण, पंजाब की जलवायु, समृद्ध विरासत से संबंधित सभी कक्षाओं की स्कूली पुस्तकें शामिल हैं।
बोर्ड की वेबसाइट पर ऐसे पढ़ें किताबें
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शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी के अनुसार, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट के बुक्स फोल्डर में जाकर ई बुक्स लॉग-इन करने पर पंजाब के सरकारी स्कूलों में लागू 350 अलग-अलग पुस्तकों में से इस समय 107 पुस्तकें उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं और 15 अप्रैल तक 22 अन्य पुस्तकें व 30 मई तक 17 और किताबें वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएंगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के पाठयक्रम के मद्देनजर 84 पुस्तकें एनसीईआरटी से अडाप्ट की गई हैं, जिन्हें शिक्षा बोर्ड की ओर से जरूरत और सुविधा के अनुसार छपवाया जाता है। एनसीईआरटी से स्वीकृति लेकर इन पुस्तकों को भी बोर्ड की बेवसाइट पर अपलोड करने के काम में तेजी लाने के आदेश दिए गए हैं।