फीस बढ़ोतरी के विरोध में पीयू स्टूडेंट काउंसिल
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) प्रशासन द्वारा आर्थिक हालात सुधाने के लिए ट्यूशन फीस में 10 गुणा तक इजाफा करने के प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया है। पीयू स्टूडेंट काउंसिल ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। स्टूडेंट काउंसिल के विरोध को देखते हुए फीस को लेकर गठित कमेटी ने पीयू स्टूडेंट काउंसिल पदाधिकारियों के साथ दोपहर बाद मीटिंग बुलाई। कमेटी कुछ विभागों की फीस में कटौती करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन छात्र काउंसिल फिलहाल फीस बढ़ोतरी के खिलाफ है। फीस कमेटी ने अन्य कोर्स की बढ़ाई फीस का रिव्यू करने का भी आश्वासन दिया है।
मंगलवार दोपहर बाद डीयूआई प्रो. दिनेश गुप्ता, फाइनेंस एंड डेवलेपमेंट अफसर विक्रम नैयर, डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर, प्रो. नीना कपलेश, सीनेटर प्रो. नवदीप गोयल सहित कई अन्य अधिकारियों की पीयू स्टूडेंट काउंसिल प्रधान निशांत कौशल, सेक्रेटरी आशिक मोहम्मद के साथ मीटिंग हुई।
मीटिंग में पीयू अधिकारियों ने कई विभागों की ट्यूशन फीस को कम करने का प्रस्ताव दिया, जिसमें फार्मेसी की फीस को 50000 से 25000 हजार, लॉ विभाग की फीस 25000 से 20000 हजार और बीडीएस फीस को 1.70 लाख से 1.30 लाख करने का आश्वासन दिया।
मीटिंग में अगले सत्र से एडमिशन के समय स्कॉलरशिप के लिए दी जाने वाली जानकारी के लिए परफार्मा तैयार करने का फैसला भी लिया गया। इससे पीयू प्रशासन को पहले ही स्टूडेंट के बारे में पूरी जानकारी मिल सके। बैठक में नार्थ रीजन की अन्य यूनिवर्सिटी के फीस स्ट्रक्चर की स्टडी करने का भी मामला उठा। कमेटी ने कहा कि पीयू को आर्थिक हालत से उबरने के लिए फीस से करीब 50 करोड़ जुटाने होंगे।